Pyramid Fraud: प्रवर्तन निदेशालय की Amway India पर बड़ी कार्रवाई, 757 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
नई दिल्ली, 18 अप्रैल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिरामिड फ्रॉड (Pyramid Fraud) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की 757.77 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। कुर्क की संपत्तियों में एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की तमिलनाडु वाली फैक्ट्री भी शामिल है। ईडी ने कारखाने की मशीनरी और भूमि को अटैच किया है। इसके अलावा एमव की चल संपत्ति पर भी ईडी ने कार्रवाई की है।

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ईडी ने एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा है कि अटैच की गई संपत्तियों में एमवे कीतमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में एमवे की भूमि और कारखाना भवन शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने कारखाने के संयंत्र व मशीनरी वाहन, बैंक खाते और सावधि जमा खाते की रकम अटैच की है।कुल मिलाकर कुर्क हुई एमवे की संपत्तियों की कीमत 757.77 करोड़ है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि एमवे के 36 अलग-अलग खातों से 411.83 करोड़ रुपये की चल-चल संपत्ति और 345.94 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस को अटैच किया गया है।
दरअसल, एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड पर एक कंपनी पर मल्टी लेवल मार्केटिंग स्कैम चलाने का आरोप है। जांच एजेंसी की इन्वेस्टीगेश में यह तथ्य सामने आया कि एमवे डायरेक्ट सेलिंग- मल्टीलेवन मार्केटिंग नेटवर्क की आड़ में पिरामिड फ्रॉड चला रहा है। कंपनी एमवे की ओर मार्केट में जो उत्पाद लाए जा रहे हैं वे अन्य प्रतिष्ठित निर्माताओं के प्रोडक्ट्स की तुलना में काफी मंहगे हैं। जांच में कंपनी की अर्निंग भी संदेह के दायरे में आग गई। 2002 से 2021 के बीच कंपनी ने 27,562 करोड़ रुपए जमा कर लिए थे।
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2002-03 से 2021-22 के बीच डिस्ट्रीब्यूटर्स और मेंबर्स के कुल मिलाकर 7588 करोड़ रुपए कमीशन दे दिया था। जांच एजेंसी की ओर से कहा कि एमवे ने अपना नेटवर्क इस तरह स्थापित किया था की सच जाने बिना ही लोग कंपनी के सदस्य बन रहे थे और उसके प्रोडक्ट्स खरीद रहे थे।












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