ED Action: ईडी का बड़ा खुलासा, MP के पूर्व परिवहन अधिकारी और उनके सहयोगियों से 33 करोड़ जब्त
ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के एक पूर्व अधिकारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 33 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया है। इस कार्रवाई में भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के 8 स्थानों पर छापेमारी की गई।
यह जांच सौरभ शर्मा, जो मध्य प्रदेश परिवहन विभाग में सिपाही थे, और उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल, और रोहित तिवारी पर केंद्रित है। ईडी का आरोप है कि इन व्यक्तियों ने भ्रष्टाचार और अवैध धन को बढ़ावा दिया और उससे संपत्तियां अर्जित कीं। यह मामला लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।

संपत्तियों का खुलासा
ईडी की जांच में इन व्यक्तियों से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों का पता चला है:
चल संपत्ति:
- चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये की सावधि जमा।
- सौरभ शर्मा के परिवार और संबंधित कंपनियों के खातों में 4 करोड़ रुपये की बैंक जमा।
अचल संपत्ति:
- 23 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के दस्तावेज।
- संपत्तियां शर्मा और उनके परिवार के सदस्यों, दोस्तों, और करीबी सहयोगियों द्वारा संचालित कंपनियों के नाम पर हैं।
पृष्ठभूमि और पूर्व जब्ती
अवैध धन का उपयोग
ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों को शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध धन से खरीदा। जांच में पाया गया कि इन संपत्तियों को छिपाने के लिए परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम का उपयोग किया गया।
क्या मिला छापेमारी में?
भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में हुई छापेमारी में संपत्ति के दस्तावेज, बैंक जमा, और संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले।ईडी ने सभी संपत्तियों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग से जुड़े इस मामले ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर पहलुओं को उजागर किया है। ईडी अब इन संपत्तियों और धन के स्रोतों की गहराई से जांच कर रही है।
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