सुषमा स्वराज ने चीन को 'बुलडोजर' पर घेरा, बोलीं- छोड़ो कल की बातें
सुषमा स्वराज ने चीन को करारा जवाब देते हुए कहा है कि हमें जैसे ही पता चला कि वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) में सीपीईसी को शामिल कर रहे हैं, उसी समय हमने इसका विरोध जताया था।
नई दिल्ली। चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ट्राई जंक्शन प्वाइंट को लेकर भारत और चीन के बीच समझौता हुआ था कि भारत, चीन और भूटान मिलकर इस पर फैसला लेंगे। अब चीन की मांग है कि भारत वहां से अपनी सेनाएं हटाएं। हम भी कह रहे हैं कि इस मुद्दे पर बातचीत हो और दोनों देश अपनी सेनाएं हटाएं। इस दौरान सुषमा स्वराज ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद पर सभी देश भारत के साथ हैं और सभी देश समझ रहे हैं कि भारत ने जो अपना मत रखा है वो गलत नहीं है।

सुषमा स्वराज ने चीन को दिया करारा जवाब
सुषमा स्वराज ने चीन को करारा जवाब देते हुए कहा है कि हमें जैसे ही पता चला कि वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) में सीपीईसी को शामिल कर रहे हैं, उसी समय हमने इसका विरोध जताया था। ओबीओआर में बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका सभी इसका हिस्सा हैं। राज्यसभा में चीन से विवाद को लेकर जवाब देते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत और चीन की सीमा तय होनी है, चीन और भूटान की सीमा तय होनी है। ट्राई जंक्शन प्वाइंट को लेकर भारत और चीन के बीच समझौता हुआ था कि भारत, चीन और भूटान मिलकर इस मुद्दे पर मिलकर फैसला लेंगे। अब चीन की नीयत है कि वो बुलडोजर आदि लेकर आए और ट्राई जंक्शन प्वाइंट पर पहुंच जाए। सुषमा स्वराज ने कहा कि चीन की मांग है कि ट्राई जंक्शन प्वाइंट से हम अपनी सेना हटाएं, जबकि इस मुद्दे पर हमारा कहना है कि बातचीत हो और दोनों देश अपनी सीमाएं हटाएं। इस मुद्दे पर दूसरे देश भी भारत के साथ हैं।
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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान एच1बी वीजा को लेकर सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ व्यापक चर्चा हुई थी, हालांकि इस दौरान एच1बी वीजा शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा कि भारतीय प्रोफेशनल्स का अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर खासा योगदान है।












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