शाकाहारी हैं द्रौपदी मुर्मू लेकिन राजनाथ सिंह के लिए बनवाया था 'मच्छी-भात', जानिए रोचक किस्सा
नई दिल्ली , 25 जुलाई। आज देश की 15वीं राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू ने शपथ ले ली। वो देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। उनके राष्ट्रपति बनने पर उनके गृहराज्य ओडिशा में जश्न का माहौल है। संथाल समुदाय की एक महिला का देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचना आसान नहीं था लेकिन इस असंभव को संभव किया है देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने। शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में भी मुर्मू ने कहा कि 'मेरा जन्म ओडिशा के एक आदिवासी गांव में हुआ लेकिन देश के लोकतंत्र की यह शक्ति है कि मुझे यहां तक पहुंचाया है। आपकी आत्मीयता, विश्वास और सहयोग, इस नए दायित्व को निभाने में मेरी बहुत बड़ी ताकत होंगे।'

मुर्मू ने साल 1997 में राजनीति में कदम रखा था
मालूम हो कि ओडिशा के मयूरभंज जिले की कुसुमी तहसील के छोटे से गांव उपरबेड़ा में जन्मी द्रौपदी मुर्मू ने साल 1997 में राजनीति में कदम रखा था और राइरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद का चुनाव जीता था। इसके बाद वो भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा की उपाध्यक्ष बनीं तो वहीं साल 2000 और 2009 में रायरंगपुर सीट से एमएलए चुनी गईं थीं। इसके बाद वो साल 2000 और 2004 के बीच में ओडिशा केबिनेट में मंत्री भी रहीं, वो साल 2015 में झारखंड की राज्पाल बनीं तो वहीं साल 2022 में देश की 15वीं राष्ट्रपति चुनी गई हैं।

द्रौपदी मुर्मू खुद एक शाकाहारी हैं
सादा जीवन उच्च विचार रखने वालीं द्रौपदी मुर्मू शाकाहारी हैं, यहां तक कि वो प्याज-लहसुन को भी त्याग चुकी हैं लेकिन वो अपने मेहमानों और परिवार वालों की हर पसंद और नापसंद का ख्याल बखूबी रखती हैं और ये बात तब सामने आई थी, जब वो झारखंड की राज्पाल थीं।
शाकाहारी भोजन बनाया जाए लेकिन...
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक राजभवन के संचालन प्रभारी रहे एसएस परिहार ने एक बड़ा ही रोचक किस्सा सुनाया, उन्होंने कहा कि जब मुर्मू राज्यपाल बनीं थीं तो उन्होंने राजभवन के रसोइए को कहा था कि उनके लिए शाकाहारी भोजन बनाया जाए लेकिन उन्होंने मेहमानों और मांसाहारी भोजन खाने वाले कर्मचारियों के लिए अलग भोजन बनाने का इंतजाम भी करवाया था, जहां वो नॉनवेज फूड बना भी सकते थे और चाव से खा भी सकते थे।

राजनाथ सिंह के लिए बनवाया था मच्छी-भात,
इसी दौरान किसी काम के लिए तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह झारखंड आए और वो राजभवन के मेहमान बने। उसी दौरान मुर्मू को पता चला कि राजनाथ सिंह को मछली काफी पसंद है, तो उन्होंने राजनाथ सिंह के लिए स्पेशल मछली की डिश बनवाई और उन्हें मच्छी-भात खाने में परोसवाया, हालांकि जब राजनाथ सिंह को पता चला कि राजभवन में केवल शाकाहारी भोजन बनता है तो उन्होंने भी मुर्मू से कहा कि वो भी वेज खाना ही खाएंगे लेकिन उन्होंने मुर्मू को मच्छी-भात के लिए धन्यवाद भी दिया था।

द्रौपदी मुर्मू बहुत विनम्र हैं: कुलकर्णी
झारखंड सरकार के मुख्य सचिव रहे नितिन मदन कुलकर्णी ने भी मुर्मू की सादगी से जुड़ा एक वाकया बताते हुए कहा था कि 'द्रौपदी मुर्मू बहुत विनम्र हैं। एक बार उनकी सपोर्ट टीम उनके साथ रायरंगपुर स्थित उनके घर गई। अधिकारियों के रहने लिए उनके घर में पर्याप्त जगह नहीं थी। ऐसे में ओडिशा सरकार ने उनके ठहरने की व्यवस्था की तो मुर्मू ने सभी अधिकारियों को वहीं रहने के लिए कहा, लेकिन वे अपने पुराने घर में ही रहीं। उन्होंने कहा कि वो सादगी से अपना जीवन जीती हैं।'












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