तो डोनाल्ड ट्रंप भी पाकिस्तान को घोषित नहीं करेंगे आतंकी देश!
पूर्व विदेश सचिव का मानना पाकिस्तान पर सख्त तो होंगे अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लेकिन आतंकी देश घोषित करने से हिचकिचाएंगे।
नई दिल्ली। रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति होंगे और उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से ही पाकिस्तान में एक अजीब सा माहौल है। कुछ लोग ऐसी उम्मीद जता रहे हैं कि पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा से अलग ट्रंप पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करने वाला देश भी घोषित कर सकते हैं। जबकि ऐसा नहीं होगा।

पाक पर सख्ती लेकिन आतंकी देश नहीं
वहीं पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल की मानें तो ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। कंवल ने एक लीडिंग न्यूजपेपर को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। कंवल से पूछा गया था कि क्या राष्ट्रपति बनने के बाद दक्षिण एशिया में चीजें बदलेंगी?
इस पर उन्होंने कहा कि अपने चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने जरूर मुसलमानों और आतंकवाद पर एक सख्त और नकारात्मक रवैया अपनाया था।
इसका मतलब लगाया जा सकता था कि ट्रंप अफगानिस्तान और भारत में बढ़ रही आतंकी ताकतों पर लगाम लगाने के लिए पाकिस्तान पर सख्त होंगे।
उनका कहना था कि पाकिस्तान में पनपने वाले आतंकवाद को लेकर भारत को जरूर ट्रंप का साथ मिल सकता है। वह पाक आतंक और आतंकियों का समर्थन करने वाला देश घोषित करेंगे ऐसा फिलहाल नहीं लगता है।
जारी रह सकते हैं प्रतिबंध
उनका कहना था कि राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में पाक पर पहले ही आतंकवाद को लेकर बहुत दबाव बनाया गया है। कुछ आर्थिक मदद को भी रोका गया और एफ-16 की डील को बीच में ही खत्म कर दिया गया है।
इस तरह के प्रतिबंध जरूर ट्रंप के कार्यकाल में पाक पर जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका कभी भी ईरान या फिर रूस की तरह आतंकवाद को लेकर पाक पर सख्त नहीं होगा।
वह मानते हैं कि चीन की ओर से मिलते समर्थन की वजह से पाक इस बात को बखूबी जानता है कि पश्चिम को परमाणु ताकतों को लेकर कैसे ब्लैकमेल किया जाए।
क्या किया बिल क्लिंटन और ओबामा ने
आपको बता दें कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने पाक्स्तिान को आतंकी देश घोषित करने का पूरा मन बना लिया लेकिन आखिरी मौके पर उन्होंने अपना फैसला बदल लिया।
जनवरी 1993 में डेमोक्रेटिक पार्टी के बिल क्लिंटन अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता में आए।
राष्ट्रपति बनने के पांच माह बाद मई 1993 में अमेरिका ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर उसने कश्मीर के आतंकी तत्वों को समर्थन और मदद देनी बंद नहीं की तो फिर उसे एक आतंकी राष्ट्र घोषित कर दिया जाएगा।
ऐसा नहीं हुआ और फिर जुलाई 1993 में अमेरिका ने अपने सुर बदल लिए।इसके अलावा हाल ही में राष्ट्रपति ओबामा के पास पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने वाली याचिका दायर की गई थी।
ओबामा प्रशासन से इस बात से साफ इं कार कर दिया था कि पाक को आतंकी देश घोषित करने की कोई मंशा है।












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