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    डीके शिवकुमार: यही है भाजपा के हाथ से बाजी छीन लेने वाला शख्स

    By Ankur Kumar Srivastava
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    बेंगलुरु। कर्नाटक के 'राजनीतिक नाटक' का क्‍लाइमैक्‍स लगभग समाप्‍त हो गया है। बीजेपी के सीएम बीएस येदुयुरप्पा ने बहुमत परीक्षण से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। इस बार वो केवल ढाई दिन के कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'मैं वापस आऊंगा, 150 से ज्यादा सीटें जीतकर आऊंगा।' येदुरप्‍पा के इस्‍तीफे के साथ ही साथ अब साफ हो गया है कि कांग्रेस और जेडीएस मिलकर कर्नाटक में सरकार बनाएगी। कर्नाटक में कांग्रेस के इस जीत का श्रेय अगर किसी एक शख्‍स को जाता है तो वो हैं डीके शिवकुमार। तो आइए आपको इस जीत के मैन ऑफ द मैच बने डीके शिवकुमार की हर रणनीति के बारे में बताते हैं जिसने कांग्रेस को बहुमत साबित करने से दूर रखा।

    विधायकों को एकजुट रखने का काम बखूबी निभाया डीके शिवकुमार ने

    विधायकों को एकजुट रखने का काम बखूबी निभाया डीके शिवकुमार ने

    कर्नाटक में जैसे ही त्रिशंकु सरकार के रुझान दिखे कांग्रेस ने फौरन वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद को काम पर लगा दिया। गुलाम नबी आजाद ने बिना देरी किए अपने खेमे का जायजा लिया और फिर कुमारस्‍वामी से बात की। इससे पहले बीजेपी को खेल खेलती गुलाम नबी आजाद ने काम कर दिया। कुमारस्‍वामी से पर्दे के पीछे बात हुई और दोनों पार्टियां (कांग्रेस और जेडीएस) साथ आ गईं। लेकिन इस डील में दोनों पार्टियों के बड़े नेता साथ आए था, मामला तो विधायकों पर आकर टिक गया था। और इन्‍हें बचाकर रखना बेहद जरूरी था वर्ना कब इनकी ''अंतरात्‍मा'' जाग जाती और कांग्रेस का खेल बिगड़ जाता। इसलिए कांग्रेस ने इस मनीबैग की जिम्‍मदारी डीके शिवकुमार के हाथ सौंप दी गई। डीके शिवकुमार ने इस जिम्‍मेदारी को बखूबी निभाया और ''संकटमोचक'' बनकर सामने आए।

    डीके शिवकुमार के बयान ने भी भरा दम

    डीके शिवकुमार के बयान ने भी भरा दम

    कर्नाटक के पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस के लिए सबसे बड़े अस्त्र साबित हुए डीके शिवकुमार ने कांग्रेस दो विधायकों को लेकर बयान दिया। डीके शिवकुमार ने कहा कि प्रताप गौड़ा पहुंच चुके हैं और विधायक की शपथ लेंगे। शिवकुमार ने कहा कि इसके बाद वो कांग्रेस के लिए वोट करेंगे, वो कांग्रेस के साथ धोखा नहीं करेंगे। शिवकुमार ने कहा कि पाटिल और आनंद सिंह बाद में बताएंगे कि किसने उन्हें बंधक बनाया उन्होंने कहा की दोनों विधायक शपथ ग्रहण करने के बाद कांग्रेस के लिए वोट करेंगे।

    कांग्रेस के हैं 'संकटमोचक', गुजरात राज्‍यसभा चुनाव में थी अहम भूमिका

    कांग्रेस के हैं 'संकटमोचक', गुजरात राज्‍यसभा चुनाव में थी अहम भूमिका

    डीके शिवकुमार सिद्धारमैया सरकार में ऊर्जामंत्री थे। इनका रसूख इस बात से जान जा सकता है कि 2017 में जब गुजरात में राज्यसभा चुनाव चल रहे थे, तब अहमद पटेल की सीट खतरे में पड़ गई थी। उस समय अपने 44 विधायक बचाने के लिए कांग्रेस ने उन्हें कर्नाटक भेज दिया था। कर्नाटक में ये सारे कांग्रेसी विधायक डीके शिवकुमार के ही ईगलटन रिजॉर्ट में रुके थे, जो बेंगलुरु में है। इन्हें कांग्रेस का ‘संकटमोचक' माना जाता है।

    विधायकों से बात कर अपने पाले में लेकर आए शिवकुमार

    विधायकों से बात कर अपने पाले में लेकर आए शिवकुमार

    डीके शिवकुमार ने इस बार भी कांग्रेस की सरकार बनाने में जमकर मदद की। निर्दलीय विधायकों से बातचीत करके उन्हें अपने पाले में ले आए। कांग्रेस के 78 विधायकों को इस बार भी इन्हीं के ईगलटन रिजॉर्ट में रोका गया। हालांकि, 17 मई की सुबह खबर आई कि कांग्रेस के दो विधायक रिजॉर्ट से फरार हो गए हैं। इनमें से एक विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल हैं, जिन्होंने चुनाव से पहले अपनी संपत्ति 40 लाख रुपए बताई थी। 2013 के चुनाव में ये सबसे कम पैसे वाले कैंडिडेट थे।

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    English summary
    DK Shivakumar: This Strongman is Congress’ Man for All Seasons.
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