Diwali 2021:क्या है दिल्ली-यूपी-हरियाणा समेत बाकी राज्यों में पटाखे की गाइडलाइंस ? यहां मिल रही है सब्सिडी

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर: दिवाली से पहले विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक पटाखे जलाने के लिए पाबंदियों वाली नई गाइडलाइंस जारी किए हैं और कुछ एक-दो दिनों में करने वाली हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण के नाम पर पटाखे जलाने पाबंदी लगाई है। हालांकि, बाद में सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने सभी तरह के पटाखों पर पाबंदी नहीं लगाई है, बल्कि सिर्फ बेरियम साल्ट वाले पटाखों पर रोक लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, 'यह स्पष्ट किया जाता है कि पटाखों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। केवल उन पटाखों पर प्रतिबंध है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और नागरिकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।' अदालत ने उसके आदेश की तामील नहीं होने के मामलों को गंभीरता से लेने की बात कहते हुए यह भी कहा कि पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर पाबंदी को लेकर नागरिकों को अलर्ट किया जाना चाहिए।

दिल्ली में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

दिल्ली में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

दिल्ली सरकार ने पटाखे जलाने और इसकी बिक्री पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने 28 अक्टूबर को इस संबंध में एक आदेश जारी किया है, जो राजधानी में 1 जनवरी, 2022 तक प्रभावी रहेगा। बीते बुधवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 'पटाखे नहीं, दिया जलाओ' अभियान की शुरुआत की है और लोगों से अपील की है कि इस बार दिवाली में पटाखे ना खरीदें। उन्होंने कहा कि, 'पड़ोसी राज्यों में पराली जलने से दिल्ली में दिवाली के आसपास प्रदूषणा का स्तर बहुत ज्यादा रहता है। दिवाली के मौसम में पटाखे जलाने से स्थिति भयानक हो जाती है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है।'

असम में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

असम में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

असम में इस संबंध में असम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 22 अक्टूबर को एक नोटिफिकेशन जारी कर ग्रीन पटाखे छोड़कर सभी पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर पूर्ण पाबंदी लगा दी थी। इसके मुताबिक दिवाली के दिन भी ग्रीन पटाखे रात 8 से 10 के बीच में जलाए जा सकेंगे और छठ पूजा पर सुबह 6 से 8 बजे तक इसकी अनुमति रहेगी। जबकि, क्रिसमस और नए साल के लिए यह समय रात 11.55 से 12.30 तक के लिए तय किया गया था। हालांकि, बाद में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह आदेश बिना राज्य सरकार के विचार-विमर्श के जारी किया गया है और इसपर नए सिरे से फैसले लेने की बात कही है।

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    छत्तीसगढ़ में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    छत्तीसगढ़ में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले हफ्ते ही पटाखे जलाने को लेकर गाइडलाइंस जारी करके इसके लिए समय निर्धारित की है। दिवाली और गुरुपर्व के मौके पर रात 8 से 10 बजे तक, छठ पूजा पर सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और नए साल और क्रिसमस के अवसर पर रात 11.55 से 12.30 तक के लिए इसकी छूट दी गई है। लेकिन, तय सीमा से ज्यादा आवाज पैदा करने वाले हाई-डेसीबल साउंड वाले पटाखों को अनुमति नहीं दी गई है। यही नहीं यदि पटाखों में लिथियम,आर्सेनिक,एंटीमोनी, लेड और पारा जैसे जहरीदे पदार्थ पाए जाएंगे, उन्हें बनाने वाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक रहेगी।

    कर्नाटक में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    कर्नाटक में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    कर्नाटक सरकार ने शनिवार को आदेश जारी करके दिवाली के मौके पर सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने और बेचने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक 'सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में जिन ग्रीन पटाखों को अनुमति दी है, उसके अलावा कोई भी पटाखे ना तो बेचे जाएंगे और ना ही फोड़े जाएंगे।' आदेश के मुताबिक जिन बिक्रेताओं ने विभिन्न विभागों से पटाखे बेचने की अनुमति ली हुई है, वह सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेच सकेंगे। ग्रीन पटाखे बेचने वाली दुकाने सिर्फ 1 से 10 नवंबर के बीच खुलेंगी।

    चंडीगढ़ में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    चंडीगढ़ में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    चंडीगढ़ प्रशासन ने भी प्रदूषित वातावरण में कोविड संक्रमण बढ़ने के जोखिमों के मद्देनजर पटाखों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण पाबंदी लगा रखी है। इसी महीने जारी आदेश में चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा है, 'यह निर्णय लिया गया है कि पटाखों से निकलने वाली जहरीली हवा स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए निवासियों को इस त्योहारी सीजन में पटाखे फोड़ने से निश्चित तौर पर बचना चाहिए।' इसके मुताबिक 'नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश और जारी कोविड की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।'

    राजस्थान में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    राजस्थान में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    राजस्थान सरकार ने इस साल 30 सितंबर को ही 1 अक्टूबर, 2021 से 31 जनवरी, 2022 तक पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन, अब इसने एनसीआर के इलाकों को छोड़कर बाकी जगहों पर ग्रीन पटाखे जलाने और बेचने की छूट दे दी है। दिवाली और गुरुपर्व पर ये ग्रीन पटाखे रात 8 से 10 बजे तक, छठ पूजा पर सुबह 6 से 8 बजे तक और क्रिसमस और नववर्ष पर रात 11.55 से सुबहर 12.30 तक जलाए जा सकेंगे। लेकिन, जिन शहरों में हवा 'खराब' श्रेणी में रहेगी, वहां प्रतिबंध जारी रहेगा। एयर क्वालिटी इंडेक्स पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के वेब पोर्टल पर देखा जा सकेगा।

    तमिलनाडु में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    तमिलनाडु में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    शनिवार को तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। इसी के तहत राज्य सरकार ने बेरियम साल्ट वाले पटाखों और सरावेदी (जिसमें एक-एक यूनिट को एक साथ जोड़कर एक स्ट्रिंग बनाया जाता है) पटाखों के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसे स्टोर करने, ढोने और बेचने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

    पश्चिम बंगाल में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    पश्चिम बंगाल में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने काली पूजा, दिवाली और बाकी त्योहारों पर सभी तरह के पटाखों को जलाने और बेचने पर पाबंदी लगा दी है। शुरू में वहां बोर्ड ने ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दे रखी थी। लेकिन, कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से काली पूजा, दिवाली, छठ पूजा, जगधात्रि पूजा गुरुनानक जयंती, क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर पटाखों की बिक्री, खरीदने और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के बाद यह फैसला लिया गया है। अदालत ने प्रदूषण और कोविड संक्रमण रोकने के लिए यह पाबंदी लगाई है। कोर्ट ने आवाज और रौशनी वाले सभी तरह के पटाखों पर रोक लगाई है।

    ओडिशा में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    ओडिशा में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    ओडिशा के स्पेशल रिलीफ कमिश्नर ने 30 सितंबर को 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा और कोविड संक्रमण रोकने के लिए त्याहोरी मौसम में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन, शुक्रवार को ओडिशा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 1 नवंबर तक दिवाली के मौके पर ग्रीन पटाखे जलाने और बेचने को लेकर फैसला लेने को कहा है और इसके लिए पटाखे बेचने वालों से चर्चा करने के भी निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार को इसपर नई गाइडलाइंस जारी करना है।

    पंजाब में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    पंजाब में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    पंजाब सरकार ने भी ग्रीन पटाखों के अलावा पूरे त्योहारी सीजन में पटाखों के निर्माण, स्टॉक, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि सिर्फ ग्रीन पटाखों (वह पटाखे जिसमें बेरियम साल्ट और एंटीबोनी के कंपाउंड, लिथियम, पारा, आर्सेनिक, लेड या स्ट्रोंटियम, क्रोमेट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है) को पंजाब में बेचने और चलाने की अनुमति दी जाएगी। आदेश के मुताबिक, 'मंडी गोबिंदगढ़ और जालंधर शहरों में 28-29 अक्टूबर की मध्यरात्रि से 31 दिसंबर, 2021-01 जनवरी, 2022 की मध्यरात्रि तक किसी भी प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित है, क्योंकि नवंबर, 2020 के हिसाब से औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक में मंडी गोबिंदगढ़ और जालंधर खराब श्रेणी में बना हुआ हुआ है'

    हरियाणा में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    हरियाणा में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    हरियाणा सरकार ने एनसीआर के तहत आने वाले राज्य के 14 जिलों में पटाखों के बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। हरियाणा सरकार के आदेश के मुताबिक, 'भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक और सोनीपत में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।' यह निर्देश राज्य के उन सभी शहरों और कस्बों पर भी लागू होगा जहां नवंबर के लिए औसत वायु गुणवत्ता (पिछले साल के आंकड़ों के हिसाब से) 'खराब' और उससे ऊपर की श्रेणियों के तहत आती हैं। हालांकि, जिन शहरों और कस्बों में वायु की गुणवत्ता 'मध्यम' या उससे नीचे की श्रेणी में है, वहां ग्रीन पटाखों को अनुमति रहेगी। दिवाली और गुरुपर्व जैसे त्योहारों पर रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति रहेगी। छठ पूजा पर इसके लिए सुबह 6 से 8 के बीच का समय निर्धारित है। 24-25 दिसंबर की रात में यह इजाजत रात 11.55 से सुबह 12.30 तक रहेगी। जबकि, 31 दिसंबर,21-1 जनवरी,2022 के बीच की रात 11.55 से सुबह 12.30 तक पटाखे जलाए जा सकेंगे।

    उत्तर प्रदेश में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    उत्तर प्रदेश में क्या है पटाखे जलाने की नई गाइडलाइंस ?

    उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) समेत उन शहरों में जहां हवा की गुणवत्ता 'खराब या उससे ऊपर की श्रेणी' में रहेगी, वहां सभी तरह के पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर आने वाले त्योहारों के लिए पूरी तरह से बैन लगा दिया है। यूपी के गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 'जिन शहरों में हवा की गुणवत्ता मध्यम या उससे अंदर रहेगी वहां सिर्फ ग्रीन पटाखों को 2 घंटे के लिए इस्तेमाल की अनुमति रहेगी। जहां हवा की गुणवत्ता मध्यम या उससे नीचे रहेगी वहां क्रिसमस और नए साल पर रात के 11:55 से सुबह के 12:30 तक सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाए जा सकते हैं।' लखनऊ, कानपुर, आगरा, सोनभद्र, गाजियाबाद, हापुड़, वाराणसी और नोएडा समेत राज्य के 25 शहरों में हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में पाई गई है। इन शहरों में दिवाली और अन्य उत्सवों के दौरान केवल हरे पटाखे चलाने और बेचने की अनुमति होगी।

    पुडुचेरी में सरकार 75% कम दाम पर बेचेगी पटाखे

    पुडुचेरी में सरकार 75% कम दाम पर बेचेगी पटाखे

    केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की सरकार ने दिवाली के मौके पर सस्ते दाम में पटाखे बेचने की अनुमति दे दी है। यहां एक सरकारी एजेंसी पैपस्को ने पूरे पुडुचेरी में कम दाम पर पटाखे बेचे जाने वाली दुकानें स्थापित की हैं। पैपस्को आम जनता को 75% कम कीमत पर पटाखे उपलब्ध करवा रहा है। यहां लगभग दो साल बाद सरकार ने पटाखे बेचने की इजाजत दी है। (तस्वीरें-फाइल)

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