मध्य प्रदेश की चुनावी जंग से अलग रहने के पीछे दिग्विजय सिंह ने बताई 'असली वजह'
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटों के लिए मतदान 28 नवंबर को समाप्त हो गया। सत्ताधारी दल बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी सरकार बनाने के दावे करती नजर आ रही हैं। वहीं, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान रैलियों और जनसभाओ से दूर रहे दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया है कि आखिर क्यों वे प्रचार के दौरान दिखाई नहीं दिए या फिर जनसभाएं नहीं की।

मध्य प्रदेश में प्रचार से दिग्विजय सिंह रहे थे दूर
कांग्रेस मध्य प्रदेश में सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी है और इसके लिए पार्टी ने सूबे में पूरी ताकत झोंक दी थी। लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह पार्टी के कैंपेन से दूर रहे। इसपर चुप्पी तोड़ते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने खुद को प्रचार अभियान से दूर रखा क्योंकि मुझे मध्यप्रदेश में ज्यादा दखल नहीं देने को कहा गया था। इसलिए मैंने दो अभियानों में खुद को अलग रखा। जो भी मुझे करने के लिए कहा गया था, मैंने किया।'

दिग्विजय सिंह, पहले से अधिक एकजुट हुई पार्टी
कांग्रेस क्यों 15 सालों तक राज्य में सत्ता से दूर रही, इस सवाल के जवाब में दिग्विजय सिंह ने 60 लाख फर्जी वोटरों की हवाला दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ताधारी दल के सामने में सही से चुनौती पेश नहीं कर सकी और ना ही 5 साल तक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा सकी।

पहले भी कहा था, उनके भाषणों के पार्टी को होता है नुकसान
उन्होंने कहा कि पहले लोग अपने इलाके में ज्यादा सक्रिय रहते थे। लेकिन पहली बार मध्य प्रदेश में कांग्रेस को इसकदर एकजुट देखा है। हम सभी मिलकर बीजेपी के खिलाफ लड़ रहे थे। बता दें कि पिछले महीने ही एक वीडियो सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वे कोई प्रचार नहीं करेंगे और कोई भाषण नहीं देंगे। उनके भाषणों से पार्टी को नुकसान होगा।












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