FACT CHECK: क्या सेना के जवान ने असम में महिला प्रदर्शनकारी के कपड़े खींचे, जानिए इस वायरल तस्वीर का सच

कहा जा रहा है कि भारतीय सेना का जवान नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही एक महिला प्रदर्शनकारी के कपड़े खींच रहा है। आखिर क्या है इस तस्वीर की सच्चाई?

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। दिल्ली के शाहीन बाग में जहां पिछले करीब 20 दिनों से प्रदर्शनकारी इस कानून का विरोध कर रहे हैं, तो वहीं केरल, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना का एक जवान नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही एक महिला प्रदर्शनकारी के कपड़े खींच रहा है। आइए जानते हैं कि क्या है इस तस्वीर की सच्चाई?

तस्वीर को किया जा रहा है ये दावा

तस्वीर को किया जा रहा है ये दावा

सोशल मीडिया पर जो तस्वीर वायरल हो रही है, उसमें सेना की वर्दी पहने एक शख्स एक महिला प्रदर्शनकारी का टॉप खींच रहा है। इस तस्वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें नजर आ रहा शख्स भारतीय सेना का जवान है और वो महिला असम में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही है। तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है, 'आज #आसाम में ये हालत है तो कल यूपी और दिल्ली में नजर जरूर आएंगे! बल्कि दिल्ली में तो देश भर के कोने-कोने से आकर लोग बसे हुए हैं, वो कहां से अपने कागज दिखायेंगे!'

क्या है इस तस्वीर की सच्चाई

हालांकि जब इस तस्वीर की जांच की गई तो यह दावा फर्जी निकला। फेसबुक पर इस तस्वीर को पिंकू गिरी नामक शख्स ने शेयर किया है। रिवर्स इमेज सर्च के जरिए जब इस तस्वीर को चेक किया गया तो पता चला है कि यह तस्वीर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन की नहीं है। इस तस्वीर को 2018 में न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने शेयर किया था। रॉयटर्स के मुताबिक यह तस्वीर 24 मार्च 2018 की है, जब नेपाल के काठमांडू में संयुक्त राष्ट्र दफ्तर की बिल्डिंग के सामने पुलिस अधिकारियों और तिब्बती प्रदर्शनकारी के बीच झड़प हो रही थी।

विरोध के बीच सरकार ने कहा, राज्यों को करना ही होगा लागू

विरोध के बीच सरकार ने कहा, राज्यों को करना ही होगा लागू

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार विरोध देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल और केरल के अलावा कांग्रेस शासित मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि वो अपने राज्य में नागरिकता संशोधन कानून को लागू नहीं करेंगे। केरल में मंगलवार को विधानसभा के अंदर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव भी पास किया गया था। हालांकि सरकार ने कहा है कि यह कानून संसद में पास हुआ है, इसलिए इसे सभी राज्यों को लागू करना ही होगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बारे में बयान देते हुए कहा, 'अगर कोई सरकार कहती है कि वह इस कानून को अपने राज्य में लागू नहीं करेगी तो यह संविधान के खिलाफ है, चाहे वो पश्चिम बंगाल सरकार हो, केरल, राजस्थान या फिर मध्य प्रदेश सरकार हो। यह संसद में पारित हुआ कानून है। राज्यों को इसका पालन करना होगा। यह कानून राष्ट्रीय हित में है।'

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