DGCA ने स्पाइसजेट पर फिर बढ़ाया प्रतिबंध, 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही करना होगा विमान का संचालन
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बुधवार को स्पाइसजेट पर 29 अक्टूबर 2022 तक प्रतिबंध बढ़ा दिया है। डीजीसीए ने कहा कि केवल 50 प्रतिशत विमान का ही संचालन करे। डीजीसीए ने इससे पहले भी प्रतिबंध लगाया था।
नई दिल्ली, 21 सितंबर: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बुधवार को स्पाइसजेट पर 29 अक्टूबर 2022 तक प्रतिबंध बढ़ा दिया है। डीजीसीए ने कहा कि केवल 50 प्रतिशत विमान का ही संचालन करे। डीजीसीए ने इससे पहले भी प्रतिबंध लगाया था। आज प्रतिबंध को फिर से बढ़ा दिया है। प्रतिबंध को बढ़ाते हुए 50 प्रतिशत विमान का संचालन करने की बात कही है। हालांकि, डीजीसीए ने बताया कि सुरक्षा घटनाओं की संख्या में भारी कमी आई है।

स्पाइसजेट ने विमानों में लगातार आ रही खराबी के चलते यह प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि विमान लगातार हादसों का शिकार हो रहा था। इसके चलते प्रतिबंध लगाकर सिर्फ 50 प्रतिशत की क्षमता के साथ विमान के संचालन की बात कही है।
वहीं इससे पहले स्पाइसजेट ने बड़ी संख्या में पायलट्स को बाहर करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार स्पाइसजेट ने 80 पायलट्स को लीव विदाउट पे पर भेज दिया है। कंपनी ने तीन महीने के लिए इन पायलट्स को लीव विदाउट पे पर भेजा है, जिससे कि विमान कंपनी अपने खर्चों को कम कर सके। कंपनी के एक करीबी सूत्र ने बताया कि तकरीबन 70-80 पायलट्स जोकि बोइंग 737 फ्लीट व बॉम्बरडियर क्यू 400 का हिस्सा थे, उन्हे तीन महीने के लिए लीव विदाउट पे पर भेज दिया गया है।
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की ओर से कहा गया है कि कुछ पायलट्स को तीन महीने के लिए अस्थायी तौर पर एलओपी पर भेजा गया है, ताकि खर्चों को कम किया जा सके। इस कदम से एयरलाइंस को अपने पायलट्स को जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।
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