दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 38, घायलों का इलाज जारी
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे के लेकर हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। वहीं 200 से अधिक घायल लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गुरुवार को घायल जग परवेश चंदर अस्पताल में दम तोड़ दिया। अलग-अलग अस्पतालों में लगभग 30 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 106 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। दिल्ली के गुरू तेग बहादुर अस्पताल का कहना है कि 24 फरवरी उनके पास 215 घायल लोग लाए गए थे। 51 मरीज अभी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। इनमें से एक को छोड़कर सभी की हालत स्थिर है। 9 लोगों को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई, जबकि 25 लोग मृत लाए गए थे। एलएनजीपी हॉस्पिटल में 3 घायलों की मौत हुई है। जय प्रकाश में 1 घायल की मौत हुई है।
गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल के चिकित्सा, निदेशक डॉक्टर सुनील कुमार का कहना है कि गुरुवार को ज्यादा से ज्यादा लोगों के पोस्टमार्टम कर उनके शव परिजनों को सौंपने की कोशिश की जाएगी। इसलिए जो पोस्टमार्टम शाम 4 बजे तक होते थे अब रात 9 बजे तक किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो रात भर भी पोस्टमार्टम किया जाएगा।
उधर हिंसा की जांच के लिए दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के तहत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। सभी एफआईआर को एसआईटी को ट्रांसफर कर दिया गया है। जांच के लिए 2 अलग-अलग टीम बनाई गई है। एक टीम को डीसीपी राजेश देव लीड करेंगे। वहीं एक टीन को जॉय टर्की लीड करेंगे। दोनो टीमों में चार-चार एसीपी होंगे। एसीपी क्राइम बीके सिंह की अगुवाई में यह एसआईटी काम करेगी।












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