अब सिर्फ हरियाणवी-यूपी वाली नहीं रहेगी दिल्ली पुलिस
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) एक लंबे अंतराल के बाद दिल्ली पुलिस का चेहरा बदलेगा। अभी तक इसमें पड़ोसी हरिय़ाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के ही सिपाही रहते रहे हैं। इंस्पेक्टर रैंक तक तो करीब-करीब सभी इन सूबों से आते हैं। पर अब दिल्ली पुलिस में नार्थ-ईस्ट राज्यों के भी नौजवानों की भर्ती होगी।

गौरतलब हो कि अभी दिल्ली पुलिस की कुल क्षमता लगभग 85 हजार की है और इनमें नार्थ-ईस्ट के लोगों की संख्या 100 से भी कम है तथा इनमें से दस सिर्फ आईपीएस अधिकारी है।
सीएम को पत्र लिखा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले चरण में दस-दस महिला व पुरुष को दिल्ली पुलिस में भर्ती किए जाने के लिए नार्थ-ईस्ट राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसके बाद हर साल नार्थ-ईस्ट के नौजवानों की भर्तियां होंगी पुलिस में।
दो लाभ होंगे
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में रहने वाले लाखों नार्थ-ईस्ट राज्यों के लोगों के मामलों को देखने के लिए यह अहम कदम उठाया है। इस कदम से दो लाभ होंगे। पहला, नार्थ-ईस्ट राज्य के लोगों की बेरोजगारी दूर होगी। दूसरा, राजधानी में रहने वाले इन लोगों का पुलिस पर विश्वास बहाल होगा।
दरअसल दिल्ली में नार्थ-ईस्ट के लोगों से लगातार मारपीट के मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। पिछले साल कुछ नार्थ-ईस्ट के लोगों की हत्या भी हुई।
भाषा की दिक्कत
जानकारों ने बतायाकि आम तौर पर जब इन लोगों को पुलिस संबंधी समस्याएं आती हैं तब सबसे बड़ी दिक्कत भाषा को लेकर होती है, साथ ही इनको हमेशा शिकायत रहती है कि उनके साथ भेदभाव किया जाता है।
बदला आबादी का चरित्र
जानकारों का कहना है कि चूंकि दिल्ली की आबादी का चरित्र हाल के सालों-दशकों में काफी बदला है, इसको देखते हुए दिल्ली पुलिस में गैर-उत्तर भारत के राज्यों के लोगों को भी भर्ती किया जाना चाहिए। इससे दिल्ली पुलिस और बेहतर तरीके से काम कर सकेगी।'












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