कालिंदी एक्सप्रेस को बेपटरी करने की कोशिशों के बाद दिल्ली पुलिस सतर्क, रेलकर्मियों को किया हाई अलर्ट
Indian Railways: कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी, जब एक सतर्क लोको पायलट ने भिवानी-प्रयागराज कालिंदी एक्सप्रेस को रोक दिया था, क्योंकि ट्रेन पटरी पर रखे एलपीजी सिलेंडर से टकरा गई थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'कानपुर की घटना के बाद रेलवे यूनिट के सभी कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।' सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पैदल और मोटरसाइकिल गश्त बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक टीमों की मदद से रेलवे ट्रैक पर नियमित रूप से तोड़फोड़-विरोधी गतिविधियों की जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो के कर्मचारियों को भी सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा जांच बढ़ाने का निर्देश दिया है। अधिकारी ने कहा, 'हमने आसपास के कई इलाकों के रेलवे कर्मचारियों को भी रेलवे स्टेशनों और रेलवे ट्रैक के आसपास कड़ी निगरानी रखने को कहा है।' सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अन्य हितधारकों सहित एक संयुक्त गश्ती दल की स्थापना की गई है।
संदिग्ध तोड़फोड़ की कोशिश के बाद, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ के लिए दो दर्जन से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। इस बहु-एजेंसी जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और उत्तर प्रदेश पुलिस का आतंकवाद निरोधी दस्ता शामिल है, जिन्हें संभावित आतंकी संबंधों पर संदेह है।
कानपुर पुलिस ने इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज की है। घटनास्थल पर अधिकारियों को पेट्रोल की बोतल और माचिस की डिब्बियां मिलीं, जिससे तोड़फोड़ की कोशिश का संकेत मिलता है। इन वस्तुओं की मौजूदगी से नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर किए गए प्रयास का संकेत मिलता है।
इस खतरे के जवाब में, पैदल और मोटरसाइकिल गश्ती बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक इकाइयों की सहायता से रेलवे ट्रैक पर नियमित रूप से तोड़फोड़ विरोधी जांच की जा रही है। इन उपायों का उद्देश्य भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकना है।












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