दिल्‍ली: कुख्‍यात मनोज सहरावत की गोली मारकर हत्या, आर्किटेक्चर करने के बाद क्राइम में की थी एंट्री

नई दिल्‍ली। राजधानी दिल्‍ली के बवाना इलाके में बुधवार शाम बाइक सवार बदमाशों ने घोषित बदमाश मनोज सहरावत की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मनोज सहरावत बवाना इलाके में रहता था। परिजनों ने उसे प्रॉपर्टी से बेदखल कर रखा था, लेकिन उसने दबंगई से परिवार के एक प्लॉट पर कब्जा कर रखा था। हत्यारे बाइक पर आए थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बवाना थाना पुलिस और स्पेशल स्टाफ पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। मनोज पर अपहरण, जबरन जमीन हड़पने, वसूली, धमकी देने के दर्जनों मामले दर्ज हैं।

 दिल्‍ली: कुख्‍यात मनोज सहरावत की गोली मारकर हत्या, आर्किटेक्चर करने के बाद क्राइम में की थी एंट्री

कुछ समय पहले वह आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार हुआ था। पिछले हफ्ते ही वह जमानत पर जेल से निकला था। लिस के मुताबिक, मनोज सहरावत बवाना के पाना दुलान का है। उसके पिता कांग्रेस के एमसीडी काउंसलर थे। उसने मेरठ के एक एमएलए की बेटी को अगवा कर उससे शादी की थी। बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे मनोज जब बवाना चौक पर पैदल कहीं जा रहा था, बाइकसवार हमलावरों ने उसको पास से गोली मारी। पुलिस ने बताया कि मनोज बवाना पुलिस का घोषित बदमाश और हिस्ट्री शीटर था।

आर्किटेक्चर में डिप्लोमा करने के बाद क्राइम में की एंट्री

मनोज बवाना में पॉलिटेक्निक कॉलेज से आर्किटेक्चर में डिप्लोमा करने के बाद क्राइम करने लगा था। 1991 में उसने अपने भाई संजय और साथियों समेत बवाना के बिजनसमैन सत्यवान के बेटे का अपहरण स्कूल से कर लिया था। फिरौती में पांच लाख रुपये लिए थे। इसके बाद उसने जयपुर और दिल्ली में और अपहरण कर फिरौती ली। इसके बाद मनोज बड़ौत चला गया, जहां उसका नेटवर्क कुख्यात अपराधियों के साथ बन गया। इनके साथ मिलकर उसने वहां मर्डर किया, जहां वह मौके पर पकड़ा गया। उस पर टाडा लगाई गई। जेल में उसकी मुलाकात हरियाणा के क्रिमिनल जगमाल से हुई।

जेल से बाहर आते ही दोनों किंग्सवे कैंप से पुलिस की दो वर्दी खरीद लाए। इन्हें पहनकर दोनों ने 1993 में हरियाणा के मेहम के जूलर से 35 लाख रुपये का गोल्ड लूट लिया। उसी साल जगमाल के गांव सेवली में डबल मर्डर कर दिया। दोनों नेपाल भाग गए। नेपाल से लखनऊ आकर दोनों जगमाल के जानकार एमएलए के सरकारी घर में ठहरे। लखनऊ में एक नेता का अपहरण भी कर चुके हैं। 1994 में मनोज और जगमाल मेरठ गए। वहां एक एमएलए की दो बेटियों को इन्होंने अगवा कर लिया। एक लड़की से मनोज ने और उसकी बहन से जगमाल ने शादी कर ली।

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