भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र को आदेश, छह महीने में हो सभी राजनीतिक पार्टियों के खातों की जांच

By Rizwan
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राजनीतिक दलों के खातों की जांच कराने का आदेश दिया है। भाजपा और कांग्रेस समेत सभी बड़ी पार्टियों के खातों की जांच के लिए कोर्ट ने गृह मंत्रालय को कहा है। कोर्ट ने जांच के लिए सरकार को छह महीने का वक्त दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इन राजनीतिक पार्टियों को विदेशे से जो चंदा मिला है, उसकी जांच होनी चाहिए।

    Delhi High Court Grants Six Months Time To Centre To Look Into Accounts Of Political Parties

    2014 में दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय को राजनीतिक पार्टियों के खातों की जांच के आदेश छह महीने में करने के लिए कहा था। तब गृह मंत्रालय ने केंद्र की वकील मोनिका अरोड़ा के हवाले से कोर्ट से इसके लिए 31 मार्च 2018 तक समय मांगा था। इसके लिए सरकार ने पुराने रिकॉर्ड की जांच में लगने वाले समय का हवाला दिया था।

    एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरी शंकर की बेंच ने गृह- मंत्रालय को 2014 के फैसले का अनुपालन करने के लिए इसे आखिरी मौका कहा है। इन राजनीतिक पार्टियों पर विदेश से चंदा लेने के दौरान फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) के उल्लंघन का आरोप है। 2010 में एफसीआरए एक्ट विदेशी चंदे से जुड़े मामले में पारदर्शिता को लेकर बनाया गया था। एफसीआरए किसी राजनीतिक पार्टी को नियमों का उल्लंघन करने पर विदेशी दानकर्ताओं से चंदा स्वीकार करने से रोकता है।
    दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक के SC के आदेश से होगा करीब 1000 करोड़ का नुकसान

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Delhi High Court Grants Six Months Time To Centre To Look Into Accounts Of Political Parties

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more