दिल्ली सरकार ने दोहराया अपना पिछला आदेश, छात्रों और मजदूरों से न मांगे किराया
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। लॉकडाउन के बीच राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या में भी हर दिन इजाफा हो रहा है। इस बीच दिल्ली सरकार ने मकान मालिकों को लेकर जारी अपने पिछले आदेश का एक बार फिर सख्ती से पालन करने को कहा है। सरकार ने कहा है कि मकान मालिक छात्रों और मजदूरों से किराए की मांग न करें।

सरकार ने जिलाधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा है ताकि उन इलाकों में जहां मजदूरों और छात्रों की संख्या ज्यादा है वहां के मकान मालिक किराया न लें। बता दें कि सरकार ने आदेश जारी किया हुआ है कि कोई भी मकान मालिक छात्रों और मजदूरों से लॉकडाउन के दौरान किराया न ले।
इससे पहले मार्च महीने में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके भी कहा था, 'मेरी सभी मकान मालिकों से अपील है- लॉकडाउन के दौरान अगर आपके किराएदारों के पास तुरंत किराया देने के पैसे न हो तो अगले एक या दो महीने का किराया बाद में किश्तों में ले लें। इस महामारी के दौरान किसी गरीब को हम बेसहारा और भूखा नहीं छोड़ सकते। ये हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।'
उन्होंने कहा था कि किराया न देने पर कोई भी मकान मालिक कारिएदारों को तंग न करें। अगर कोई मकान मालिक किराएदार को परेशान करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। राजधानी में कोरोना के मामलों की बात करें तो गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया, दिल्ली में पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2248 है इसमें कल 92 नए केस आए और 113 मरीज ठीक हो गए हैं। अभी तक कोरोना से 724 लोग ठीक हो चुके है जो कि 32 फीसदी होता है। 2248 में से 48 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। 24 लोग ICU में और 6 लोग वेंटिलेटर पर हैं।












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