कोरोना से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की खास तैयारी, अस्पतालों में बढ़ाई गई बेड की संख्या
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के नए मामलों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यहां एक दिन पहले ही पहली बार सात हजार से ज्यादा नए मामले मिले हैं। जिसने सरकार और दिल्लीवासियों की चिंता बढ़ा दी है। ऊपर से बदलता मौसम और बढ़ता प्रदूषण समस्या को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। जिससे निपटने के लिए सरकार ने तैयारियां करना शुरू कर दिया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को बताया कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 500 और निजी अस्पतालों में 685 कोविड बेड बढ़ाए गए हैं।

दिल्ली सरकार ने जो निजी अस्पतालों में 80 फीसदी कोविड आईसीयू बेड रिजर्व किए थे, जिसे हाई कोर्ट ने रोक दिया था। उसके लिए दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट में गई है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर की है। जब स्वास्थ्य मंत्री से अस्पतालों में आईसीयू बेड की उपलब्धता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बेड अब भी उपलब्ध हैं। लेकिन संपन्न लोग सरकारी अस्पतालों से अधिक निजी अस्पतालों को पसंद करते हैं, इसलिए उन्हें निजी अस्पतालों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें दिल्ली में एक दिन के भीतर 7 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, इस दौरान 64 मरीजों की मौत भी हुई है। इन नए संक्रमित मामलों की संख्या के साथ ही अब दिल्ली में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 4,23,831 हो गई है। महामारी से अब तक 6833 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में कोरोना से ठीक हुए मरीजों की संख्या 3,77,276 हो गई है, जबकि सक्रिय मामलों की संख्या 39,722 है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में 6121 मरीज ठीक भी हुए हैं। यहां त्योहारी सीजन के चलते बाजारों में लोगों की अधिक भीड़ देखी जा रही है। जिससे संक्रमण के फैलने की आशंका अधिक हो गई है।
देश में एक दिन के भीतर मिले कोरोना के 50357 नए मामले, 577 मरीजों की हुई मौत












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