एम्स में होगा भीम आर्मी चीफ का इलाज, कोर्ट ने कहा- व्यक्ति जेल में हो या बाहर, सबको मिले चिकित्सा
नई दिल्ली। दिल्ली की एक आदालत ने तिहाड़ जेल में बंद भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को तुरंत चिकित्सा सहायता देने का निर्देश दिया है। नगारिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए चंद्रशेखर आजाद को पॉलीसिथीमिया नाम की बीमारी है। जेल में हालत खराब होने की वजह से कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को उसका इलाज कराने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि चिकिस्ता का अधिकार सबका है चाहे वह व्यक्ति जेल में ही क्यों ना हो।

बता दें कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद इस समय 18 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने उन्हें सीएए के खिलाफ जामिया मस्जिद के पास प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया था। चंद्रशेखर खून से संबंधित एक बीमारी पॉलीसिथीमिया से जूझ रहे हैं। चंद्रशेखर के वकील ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने मुव्वकिल को जल्द मेडिकल सुविधाएं देने की मांग की थी। कोर्ट ने मामले की सुनाई करते हुए भीम आर्मी चीफ का इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को दी नसीहत
कोर्ट ने कहा कि यह तिहाड़ जेल अधिकारियों कि जिम्मेदारी है कि पॉलीसिथेमिया की बीमारी से पीड़ित भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को उपचार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने राज्य सरकार को भी कहा कि यह राज्य का कर्तव्य है कि उसके हर नागरिक का जीवन को संरक्षित करे, चाहे वह व्यक्ति जेल में हो या जेल के बाहर। बता दें कि पॉलीसिथेमिया में मरीज का खून गाढ़ा हो जाता है जिस वजह से उसी जान भी जा सकती है। जेल जाने के पहले दिन ही चंद्रशेखर ने बैक पैन की शिकायत की थी। जिसका इलाज तिहाड़ जेल की डिस्पेंसरी में ही हुआ।
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