Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

दिल्ली चुनाव: केजरीवाल की ‘फ्री थ्योरी’ ने BJP को किया आउट ऑफ ट्रैक

नई दिल्ली। 70 साल में भारत के किसी मुख्यमंत्री ने अरविंद केजरीवाल की तरह सीना ठोक कर चुनाव नहीं लड़ा होगा। वे जनता से खुल्लमखुल्ला कह कह रहे हैं कि काम किया है तो वोट दो वर्ना नहीं दो। केजरीवाल ऐसा कहने का साहस इसलिए जुटा पाये हैं क्यों उन्हें यकीन है जनता उनके काम से खुश है। केजरीवाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी जैसे जनसुविधाओं को मुद्दा बना कर चुनाव का नैरेटिव ही बदल दिया है। काम किया है तो वोट दो, वर्ना नहीं दो, की साफगोई वो सियासी पासा है जिसने भाजपा को आउट आफ ट्रैक कर दिया है। दिल्ली नगर निगम, राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव और लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार जरूर हुई है लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में केजरीवाल की साख बरकरार है। अरविंद केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली में पहली बार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी के मुद्दे पर वोट होगा। अब भाजपा की हिन्दू-मुस्लिम राजनीति के लिए कोई गुंजाइश ही नहीं बची है।

केजरीवाल की फ्री थ्योरी

केजरीवाल की फ्री थ्योरी

आम आदमी पार्टी का मानना है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार को एंटी इनकम्बेंसी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। पांच साल के शासन में जनता की उम्मीदों को पूरा किया गया है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का दावा है कि अब दिल्ली के 93 फीसदी हिस्से में पानी आता है। जब कि पहले करीब आधी दिल्ली में ही सप्लाई वाटर आता था। शीला दीक्षित के समय बिजली पानी मंहगा था। हमने उसके सस्ता किया। हमने अस्पताल और स्कूल की हालत ठीक की। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि जब हमने 20 हजार लीटर पानी फ्री की, बिजली सस्ती की तो लोगों ने कहा कि झूठे सपने दिखा रहा है। अब 200 यूनिट बिजली फ्री की तो लोग कह रहे हैं केजरीवाल फिरकी ले रहा है। लेकिन सच ये है कि दिल्ली के लोगों ने एक ईमानदार सरकार को चुना है। जनता का पैसा है, जनता पर लुटा रहा हूं। आज इलाज फ्री है, जांच फ्री है दवा फ्री है। दिल्ली के आसपास 14 गांवों में पानी पहुंचाया। 27 कच्ची कालोनियों में पानी पहुंचाया। इसके पहले यहां किसी सरकार ने इन लोगों की चिंता नहीं की थी। मैं जनता के काम में दिन रात लगा हुआ हूं। मैं तो दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनान चाहता हूं। बाकी तो जनता मालिक है।

केजरीवाल की फ्री थ्योरी से भाजपा परेशान

केजरीवाल की फ्री थ्योरी से भाजपा परेशान

लोकसभा चुनाव में हार के बाद केजरीवाल ने फिर जनता से जुड़ने की कोशिश की। चुनाव से पहले कई मुफ्त सेवाओं का एलान किया। महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर, मुफ्त वाई-फाई सेवा लागू कर उन्होंने महिला वर्ग और युवा वर्ग को अपने पाले में करने की कोशिश की है। केजरीवाल की फ्री थ्योरी से भाजपा परेशान है। इसका तोड़ खोजने के लिए वह माथा खपा रही है। भाजपा का भी मानना है केजरीवाल लोकलुभावन वायदों के बल पर लोगों की पसंद बने हुए हैं। इसलिए अब भाजपा ने भी केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन के बीच पहुंचाने का फैसला किया है। दिल्ली में 1731 कच्ची कालोनियां की समस्या, एक बड़ा चुनावी मुद्दा है। भाजपा अब यहां के लोगों को समझा रही है कि मोदी सरकार ने कच्ची कालोनियों को पक्का करने का कानून पास कर एक बड़ा तोहफा दिया है। कुछ लोगों को घर के रजिस्ट्री का कागज भी दिया गया है। लेकिन केजरीवाल सरकार का कहना है कि भाजपा फर्जी कागजों को दिखा कर लोगों को ठग रही है।

केजरीवाल की यूएसपी

केजरीवाल की यूएसपी

अरविंद केजरीवाल का उदय भारतीय राजनीति की एक युगांतकारी घटना है। 2012 में अन्ना हजारे के आंदोलन ने आइआरएस अधिकारी रहे केजरीवाल को राजनीति का चमकता हुआ सितारा बना दिया था। हालांकि आठ साल के दरम्यान केजरीवाल की छवि अब पहले की तरह नहीं रही। लेकिन यह भी सच है कि केजरीवाल की छवि एक जननेता की बनी हुई है। वे जनता के बीच जाते हैं, उनसे बात करते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए अफसरों से भी लड़ जाते हैं। यही केजरीवाल की यूएसपी है। दो साल पहले वे कठपुतली कालोनी के विस्थापितों से मिलने ट्रांजिट कैंप गये थे। वहां की हालत देख कर उन्होंने कैंप की देख-रेख कर रहे लोगों को इतनी डांट पिलायी कि लोग हैरान रह गये। आमतौर पर केजरीवाल गुस्सा नहीं होते लेकिन उस दिन उनका रौद्र रूप देख कर अफसर भी डर गये थे। केजरीवाल का यह अंदाज देख लोग सोचते हैं कि चलो, कम से कम एक नेता तो ऐसा है जो हम लोगों के लिए लड़ने का साहस दिखाता है। केजरीवाल पर मिर्ची फेंकी गयी, जूते फेंके गये, थप्पड़ चलाया गया लेकिन उन्होंने कभी बदले की राजनीति नहीं की। यह देख कर लोग सोचते हैं, केजरीवाल सचमुच आम आदमी का नेता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+