हरियाणा में मिली हार के बाद कांग्रेस महाराष्ट्र, झारखंड में सहयोगियों के बीच पड़ी कमजोर
Assembly Election Result 2024: हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधान सभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस पार्टी की आकांक्षाओं पर ग्रहण लगा दिया है। इस हार के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पुनरुद्धार की राह पर है, कहानी को विराम लगा दिया है।
इसके अलावा चुनावों में खराब प्रदर्शन के कारण कांग्रेस का हिमाचल प्रदेश में मिली जीत के बाद जो उत्तर भारतीय राज्यों में पुर्नउद्धार जो शुरू हुआ था वो बाधित हो गया है।

कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली और पंजाब में होने वाले आगमी विधानसभा चुनाव को लेकर खड़ी हो गई है। हरियाणा में खराब प्रदर्शन के बाद आगामी चुनावों में कांग्रेस अपनी सहयोगी पार्टियों के मुकाबने पूरी ताकत से अपनी जिद पर अड़ी नहीं रह सकती है।
महाराष्ट्र चुनाव में साथियों के बीच कमजोर पड़ी कांग्रेस
हरियाणा में मिली हार का सबसे बड़ा असर महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन पर पड़ने वाला है। कांग्रेस जो 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी और इसी आधार पर अपने सहयोगियों के बीच कांग्रेस विधानसभा चुनावों से पहले अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती थी लेकिन खराब चुनाव परिणाम ने उसकी स्थिति को कमजोर कर दिया है।
बारगेनिंग नहीं कर सकेगी कांग्रेस
बता दें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना आगामी चुनाव में अधिकतम सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और मुख्यमंत्री पद पर नजर गड़ाए हुए है। ऐसे में अब हरियाणा में कांग्रेस को मिला झटका सीट-बंटवारे की बातचीत के दौरान कांग्रेस अपने लिए कड़ी बारगेनिंग नहीं कर सकेगी।
झारखंड में भी गठबंधन में कमजोर पड़ी कांग्रेस
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में चुनावी असफलताओं ने न केवल कांग्रेस की तात्कालिक राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित किया है, बल्कि अन्य राज्यों की गठबंधन सरकारों के भीतर इसके गठबंधन और भूमिका के लिए भी खतरा उत्पन्न कर दिया है। खासकर चुनावी राज्य झारखंड में, कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। हाल के चुनाव परिणामों को देखते हुए, कांग्रेस गठबंधन के अंदर अधिक अधीनस्थ स्थिति में नहीं होगी।












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