Deepotsav 2024: राम जन्मभूमि के अंदर 'वोकल फॉर लोकल', कैसे सज रहा रामलला का भवन?
Deepotsav 2024: पांच शताब्दियों बाद अयोध्या में एक ऐसी दीपावली का उत्सव मनाया जा रहा है, जब श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। इससे पहले हर बार दीवाली के दिन भक्त रामलला का दर्शन टेंट के बने अस्थाई मंदिर में करते थे, लेकिन इस साल भव्य मंदिर में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला भव्य मंदिर में विराजमान है। पूरी अयोध्या दीयों की रोशन की साथ रंग बिरंगी लाइटों से चमक है। इस चकाचौंध में चर्चा भगवान राम के जन्म स्थान पर मंदिर में तैयारियों का जिक्र जरूरी है। आइए जानते हैं, बाहर की चमक के साथ राम मंदिर परिसर में तैयारियां कैसी की गई हैं?
रामनगरी में दीपोत्सव के कार्यक्रम में पशुपालन विभाग ने दीपोत्सव के दौरान 1.5 लाख गाय के गोबर के दीये जलाने की प्रतिबद्धता जताई है। सोमवार को पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से मुलाकात की और उन्हें गाय के गोबर से बने दीये और अन्य गौ-आधारित उत्पाद भेंट किए, जो गौ संरक्षण और संवर्धन की दिशा में राज्य की पहल में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने घोषणा की है कि भक्त 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मंदिर की शानदार सजावट देख सकते हैं, जिसमें गेट नंबर 4 बी (लगेज स्कैनर पॉइंट) के माध्यम से आधी रात तक प्रवेश उपलब्ध है। दरठअसल, अयोध्या सरयू नदी के किनारे 55 घाटों को रोशन करेगी, जिसमें दो मिलियन से अधिक दीपक तैयार होंगे। दीपोत्सव त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं।
28 लाख दीये सरयू नदी के किनारे 55 घाटों को रोशन करके एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस भव्य उत्सव के हिस्से के रूप में 1.5 लाख गाय के गोबर के दीये जलाने की पशुपालन विभाग की प्रतिबद्धता की सराहना की।
राम मंदिर की सजावट में 'वोकल फॉर लोकल'
अयोध्या में दीपोत्सव के दिन भव्य तैयारियां की गई हैं। राम मंदिर परिसर को दीयों, फूलों और लाइटों से सजाया जा रहा है। एक बयान में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि अयोध्या की दिवाली हर बार खास होती है। इस बार राम मंदिर परिसर की सजावट में स्थानीय शिल्प कौशल को बढ़ावा देने का फैसला किया गया है। परिसर में 'वोकल फॉर लोकल' पहल के साथ सजावट की जा रही है। दीपोत्सव कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिसमें लगभग आधे सादे पोशाक में होंगे।
दरअसल, राम मंदिर की सजावट के लिए चीनी झालरों, लाइटों और अन्य वस्तुओं का उपयोग नहीं करने का फैसला किया है। मंदिर को स्वदेशी निर्मित लाइटों अन्य सजावट की चीजों से डेकोरेट किया जा रहा है।












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