'मजा नहीं आ रहा है...' लिख शख्स ने छोड़ी नौकरी, हर्ष गोयनका को मिला ये रेजिग्नेशन लेटर तो कही ये बात
'मजा नहीं आ रहा है...' लिख शख्स ने छोड़ी नौकरी, हर्ष गोयनका को मिला ये रेजिग्नेशन लेटर तो कही ये बात
नई दिल्ली, 20 जून: ''मैं इस्तीफा दे रहा हूं...मजा नहीं आ रहा है...'' ये किसी की कही हुई बात नहीं बल्कि आरपीजी एंटरप्राइजेज ( RPG Enterprise) के कर्मचारी ने ये इस्तीफा पत्र (रेजिग्नेशन लेटर) उद्योगपति और बिजनेसमैन हर्ष गोयनका को भेजा है। हर्ष गोयनका आरपीजी एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष हैं। सिर्फ कुछ शब्दों में लिखा हुआ ये रेजिग्नेशन लेटर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर इसे अब तक का सबसे अनोखा रेजिग्नेशन लेटर बता रहे हैं। हालांकि इस रेजिग्नेशन लेटर को लेकर हर्ष गोयनका गंभीर हैं। वहीं सोशल मीडिया पर लोगों के लिए ये सिर्फ एक फन मूवमेंट है।

'डियर हर्ष, मैं इस्तीफा दे रहा हूं, मजा नहीं आ रहा, आपका राजेश....'
सबसे हैरानी वाली बात तो ये है कि इस रेजिग्नेशन लेटर को किसी और ने नहीं बल्कि खुद उद्योगपति हर्ष गोयनका ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर की है। इस्तीफा पत्र में लिखा है, ''डियर हर्ष, मैं इस्तीफा दे रहा हूं, मजा नहीं आ रहा, आपका राजेश....''

हर्ष गोयनका बोले- 'लेटर छोटा है लेकिन बहुत गहरा है...'
इस रेजिग्नेशन लेटर का स्क्रीनशॉट बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने ट्विटर के साथ-साथ लिंक्डइन पर भी शेयर किया है। रेजिग्नेशन लेटर को शेयर करते हुए हर्ष गोयनका ने लिखा, ''यह लेटर छोटा है लेकिन बहुत गहरा है। यह एक गंभीर समस्या जिसका समाधान हम सभी को करना है...'

क्यों हो रही है इस रेजिग्नेशन लेटर पर चर्चा
हैरान करने वाली बात ये है कि हर कोई ये सोच रहा होगा कि आखिर इस पत्र में ऐसा क्या खास है? खैर, अपने बॉस की प्रशंसा करने के लिए लंबी-लंबी वॉक्यों को जोड़ने के बजाय, राजेश ने कुछ ऐसा लिखा है, जिसे हम शायद ही अपने बॉस को बोलते हैं। किसी कर्मचारी द्वारा अपने बॉस को लिखा ये अब तक का "सबसे छोटा अलविदा" हो सकता है।

सोशल मीडिया पर इस रेजिग्नेशन लेटर को लेकर दो मत
बता दें कि इस रेजिग्नेशन लेटर को लेकर सोशल मीडिया पर दो मत हैं। जहां कुछ यूजर्स पत्र की अनौपचारिकता पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि ये एक अन-प्रोफेशनल रवैया है। वहीं कुछ यूजर इसे सकारात्मक तरीके से ले रहे हैं। एक लिंक्डइन यूजर ने लिखा, "यह लगभग हर कर्मचारी की भावना है लेकिन सभी व्यक्त नहीं कर सकते...सबसे रियल त्याग पत्र..."
एक यूजर ने लिखा, ''मजा नहीं रहा...ये हर नौकरी करने वालों की भावना है। हमें इसके पीछे के मूल कारण की पहचान करने की जरूरत है।''
'मजा नहीं तो काम नहीं... भगवान ऐसा एटीट्यूड सबको दे..."
एक यूजर ने लिखा, ''मजा नहीं तो काम नहीं... भगवान ऐसा एटीट्यूड सबको दे"
वहीं एक यूजर ने लिखा, ''अर्थव्यवस्था के लिए ये एक गंभीर समस्या है लेकिन मानवता के लिए अच्छी है। लोग धीरे-धीरे अपने पैसे की भुख को काम कर रहे हैं और अपना जीवन शैली बदल कर रहे हैं। यह एक अच्छा संकेत है।''












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