Rafale सौदे में कोई गड़बड़ नहीं, राफेल बनाने वाली दसॉ एविएशन ने आरोपों पर दी सफाई
पेरिस। भारत के साथ 36 राफेल विमान के सौदे में बिचौलिये को लेकर फ्रांस की पत्रिका के सनसनीखेज खुलासे के बाद राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन ने सफाई दी है। दसॉ एविएशन ने बयान जारी कर बताया है कि भारत के साथ 2016 में 36 राफेल विमान के सौदे में समझौते का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं हुआ है।

दसॉ एविएशन ने आरोपों को किया खारिज
दसॉ ने अपने बयान में कहा है कि भारत को 36 लड़ाकू राफेल विमान सप्लाई करने के सौदे को लेकर मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में तरह-तरह के आरोप लगाए गए हैं।
दसॉ एविएशन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए लिखा है कि आधिकारिक संस्थाओं, जिनमें फ्रांस की एंटी करप्शन एजेंसी भी शामिल है, ने अब तक विभिन्न जांचें की हैं। इनमें भारत के साथ 36 विमान सौदों को लेकर हुए समझौते का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया है।
इसमें आगे कहा गया है दसॉ एविएशन ये दोहराता है कि यह एंटी ब्राइबरी कन्वेंशन और राष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन करता है।

कंपनी ने कहा- सौदे में पूरी पारदर्शिता
बयान में कहा है कि साल 2000 में दसॉ एविएशन ने कंपनी के औद्योगिक और वाणिज्यिक रिश्तों में भ्रष्टाचार को रोकने, कंपनी की अखंडता और गरिमा को बनाए रखने के लिए सख्त आंतरिक प्रक्रिया को लागू किया था।
इसमें कहा गया है कि भारत के साथ 36 विमानों के अधिग्रहण का सौदा सरकार से सरकार (भारत और फ्रांस) के बीच हुआ था। यह सौदा और इसके साथ हुआ ऑफसेट सौदा नियमों के तहत निर्धारित मानदंडों के आधार पर सरकारों और औद्योगिक पार्टनर्स के बीच पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया था। कोविड-19 के स्वास्थ्य संकट के बावजूद एयरक्राफ्ट निर्धारित कार्यक्रम के तहत समय से पहुंचाए गए और भारत की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करते हैं।

रिलायंस ग्रुप के साथ पार्टनरशि पर भी बयान
"दसॉ एविएशन और रिलायंस ग्रुप ने एक संयुक्त उपक्रम के तहत 2017 में दसॉ रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड का गठन किया था और नागपुर में एक संयत्र स्थापित किया जो 2018 से प्लेन के हिस्से और टुकड़े बना रहा है।"
बयान के मुताबिक दसॉ एविएशन और इसके सहयोगी भारत में 60 कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं और भविष्य में नए सहयोग स्थापित करने की ओर अग्रसर हैं।












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