डाक सेवक- ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं के प्रमुख प्रदाता
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सितंबर 2018 में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) लॉन्च किया था। इस योजना के तहत डाक विभाग ने देश के 650 जिलों में आईपीपीबी शाखाएं खोली हैं। इसकी मदद से उन ग्रामीण क्षेत्रों को बैंकिंग से जोड़ने की कोशिश की जाएगी जहां बैंक नहीं हैं। इस काम में डाकिए बैंकर का काम करेंगे। विभाग के पास तीन लाख से ज्यादा डाकिये और डाक सेवक हैं। वे मोबाइल फोन और बायोमीट्रिक उपकरण लेकर लोगों को घर पर बैंकिंग सुविधाएं देंगे।

आईपीपीबी के लाभ:
मनी ट्रांसफर
सरकारी लाभ का हस्तांतरण
बिल भुगतान
निवेश
बीमा
अब आईपीपीबी पोस्टमैन ने इन सेवाओं को लोगों के दरवाजे पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। आईपीपीबी ने डिजिटल लेनदेन को सुविधाजनक बनाने और प्रधान मंत्री फासल बीमा योजना, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति योजना आदि जैसी योजनाओं के लाभ प्रदान करने में भी मदद की है। आईपीपीबी का मिशन 3 लाख डाक सेवक बनाना है। जिससे वह हर घर, प्रत्येक किसान और गांवों में हर छोटे उद्यम को वित्तीय सेवाओं मुहैया करा सके। आईपीपीबी अगले कुछ महीनों में पूरे देश में 1.5 लाख से अधिक डाकघरों तक पहुंच जाएगा।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में खोले जाने वाले बचत या चालू खातों में अन्य बैकों की तरह ही कई सारी सुविधाएं मिलेंगी। इसमें मनी ट्रांसफर, सरकारी योजनाओं के पैसे सीधे खाते में आने, बिल पेमेंट और खरीदारी की पेमेंट करने जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। वहीं इंडिया पोस्ट पेमेट्स बैंक में खोले जाने वाले बचत खातों पर चार प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा।










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