Cyclone Sitrang: चक्रवात सितरंग ने बांग्लादेश में मचाई तबाही, 7 की मौत, पश्चिम बंगाल-मेघालय में अलर्ट जारी
Cyclone Sitrang: चक्रवात सितरंग ने बांग्लादेश में मचाई तबाही, 7 की मौत, पश्चिम बंगाल-मेघालय में अलर्ट जारी
Cyclone Sitrang update: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान 'सितरंग' ने बांग्लादेश में तबाही लेकर आया है। 'सितरंग' सोमवार सुबह बांग्लादेश के तट से टकरा गया, जिसके बाद कई इलाकों में तबाही का मंजर देखने को मिला। बांग्लादेश में चक्रवात सितरंग के दस्तक देने से अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने हजारों लोगों को प्रभावित इलाके से निकाला है। आपदा मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष के प्रवक्ता के हवाले से एएफपी ने बताया कि बरगुना, नरैल, सिराजगंज जिलों और भोला के द्वीप जिले में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। इधर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को अपने नवीनतम बुलेटिन में पश्चिम बंगाल और मेघालय के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

आईएमडी ने कहा कि चक्रवात सितरंग पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप के लगभग 230 किलोमीटर दूर केंद्रित है, और बांग्लादेश पर पहुंचने से पहले उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की उम्मीद है। चक्रवात के एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है और मंगलवार की मध्यरात्रि और तड़के के दौरान बांग्लादेश में टिंकना द्वीप और सैंडविच के बीच लैंडफॉल ला सकता है।
इन राज्यों में जारी किया गया अलर्ट
चक्रवाती तूफान ने पहले ही बंगाल के कई तटीय क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया है। यहां तक कि असम में भी इसका असर दिखा है और बारिश हो रही है। ओडिशा, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड और असम के कई जिलों को मौसम विभाग द्वारा अलर्ट पर रखा गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की कई टीमों को बंगाल के गंगासागर, डायमंड हार्बर, गोसाबा और काकद्वीप में जिला प्रशासन द्वारा चक्रवात सितरंग के कारण तैनात किया गया है।
बंगाल की राजधानी कोलकाता और उससे सटे दक्षिणी जिलों हावड़ा और हुगली में हल्की बारिश हुई और आसमान में बादल छाए रहे, जिससे दीवाली और काली पूजा के उत्सवों पर भारी बारिश की संभावना बढ़ गई है।
दक्षिण 24 परगना जिले के अनुविभागीय अधिकारी ए जिया ने कहा कि उन्होंने दवाओं और एम्बुलेंस की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा, हम सुनिश्चित करेंगे कि बीच पर कोई आवाजाही न हो और मछली पकड़ने की गतिविधियों को पूरी तरह रोक दिया जाए। स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।












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