गेटवे ऑफ इंडिया पर दरारें: जानिए संसद में केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा? क्या है 99 साल पुरानी इमारत का इतिहास?
Gateway of India: गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई के साउथ में समुद्र तट पर स्थित है। इसका निर्माण 1924 में हुआ था।

Gateway of India News: महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित गेटवे ऑफ इंडिया की दीवारों पर दरार पाई गई हैं। 1924 में बनाई गई गेटवे ऑफ इंडिया की सतह पर आई दरारें के बारे में संसद में भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इमारत के कई हिस्सों में दरार तो आई ही है, इसके साथ ही छोटे-छोटे पौधे भी उगने लगे हैं। इस पूरे मामले पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने संसद में जवाब दिया है।
गेटवे ऑफ इंडिया को लेकर केंद्रीय मंत्री से संसद में सवाल पूछा गया था। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ''गेटवे ऑफ इंडिया के स्ट्रक्चरल ऑडिट में पता चला है कि इमारत की सतह पर दरारें आ गई हैं।''
केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने आगे कहा, ''मुंबई में स्थित गेटवे ऑफ इंडिया एक केंद्रीय संरक्षित स्मारक नहीं है। गेटवे ऑफ इंडिया पुरातत्व और संग्रहालय विभाग, महाराष्ट्र सरकार के संरक्षण में आता है। हमें पता चला है कि निरीक्षण के दौरान सतह पर कुछ दरारें पाई गई हैं। लेकिन उसके अलावा बाकी इमारत अच्छी स्थिति में है।''
यह पूछे जाने पर कि क्या इस संबंध में केंद्र सरकार को कोई रिपोर्ट सौंपी गई है? अगर सौंपी गई है तो उसपर क्या अपडेट है...? इस सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, ''इस संबंध में केंद्र सरकार को कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।''

क्या सरकार को राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय से इसको मरम्मत करने के प्रपोजल मिले हैं...? इसके जवाब में रेड्डी ने कहा, "भारत सरकार को ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।"
जानिए क्या है Gateway of India का मरम्मत का प्लान?
महाराष्ट्र के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग ने 'गेटवे ऑफ इंडिया' के साइट मैनेटमेंट को लेकर एक योजना तैयार की है। महाराष्ट्र के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इमारत समय के साथ-साथ कमजोर होती जा रही है।
इस रिपोर्ट में यह तक कहा गया है कि गेटवे ऑफ इंडिया समंदर के तूफान की मार झेल पाने में सक्षम नहीं है। विभाग ने महाराष्ट्र सरकार से गेटवे ऑफ इंडिया की मरम्मत के लिए गुजारिश भी की थी। गेटवे ऑफ इंडिया के संरक्षण और मरम्मत के लिए 8,98,29,574 रुपये की राशि का अनुमान लगाया जा रहा है। सरकार द्वारा 10 मार्च को इसे मंजूर कर दिया गया था।

जानिए गेटवे ऑफ इंडिया का इतिहास?
गेटवे ऑफ इंडिया, इंडो-सरसेनिक शैली में 20वीं शताब्दी में मुंबई में समंदर किनारे बनाया गया था। इसको बनान का काम दिसंबर 1911 में शुरू हुआ था लेकिन ये साल 1924 में बनकर तैयार हुआ था।
गेटवे ऑफ इंडिया को दिसंबर 1911 में ब्रिटिश किंग जॉर्ज और महारानी मैरी के प्रथम आगमन की याद में बनाया गया था। इस स्मारक की आधारशिला मार्च 1913 में रखी गई थी। वास्तुकार जॉर्ज विटेट द्वारा स्मारक का फाइनल डिजाइन 1914 में तैयार किया गया था। जिसके बाद इसका निर्माण कार्य 1924 में पूरा हुआ। इसका उद्घाटन 04 दिसंबर 1924 को हुआ था।
उस वक्त गेटवे ऑफ इंडिया को बनाने में लगभग 21 लाख का खर्च आया था। गेटवे ऑफ इंडिया 26 मीटर यानी 85 फीट ऊंचा है। इसका निर्माण बेसाल्ट चट्टान से किया गया है।












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