कांग्रेस की एकजुटता की कोशिशों को लगा झटका, सीपीएम नेता ने कॉन्फ्रेंस में आने से किया मना
नोटबंदी को लेकर सोनिया गांधी एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रही हैं, जिसमें उन्होंने सभी पार्टियों के नेताओं को बुलाया है। हालांकि, सीताराम येचुरी ने आने से पहले ही मना कर दिया है।
नई दिल्ली। जहां एक ओर नोटबंदी को विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर हमला कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी एकजुटता की कोशिशों को भी झटका लगा है। सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि उनकी पार्टी संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं होगी। अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ऐसा करने वाली सीपीएम अकेली पार्टी नहीं है। जेडीयू और एनसीपी के भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की संभावना कम ही है। कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा है कि नोटबंदी और पीएम पर निजी भ्रष्टाचार के आरोपों के मुद्दे पर विपक्ष की यह बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सोनिया गांधी का अहम भूमिका मानी जा रही है। यह बैठक मंगलवार को दिल्ली में होगी।

दरअसल, हाल ही में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही यह खबरें आने लगी थीं कि विपक्षी एकता में दरार आ चुकी है। कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी पार्टियों ने राहुल गांधी की पीएम मोदी से मुलाकात पर नाराजगी जताई थी, जिसके पास सोनिया गांधी ने यह अहम कदम उठाया है और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी विपक्षी पार्टियों को बुलाया है।
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यह भी खबर है कि सोनिया गांधी ने खुद सभी विपक्षी पार्टियों के नेताओं को फोन करके इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का निमंत्रण दिया है। इस योजना के को-ऑर्डिनेटर हैं अहमद पटेल। ऐसे में सीपीएम द्वारा विपक्षी दलों की इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं होने को एकजुटता बनाने की कोशिशों पर एक झटके की तरह देखा जा रहा है। आपको बता दें कि नोटबंदी के खिलाफ राष्ट्रपति से मिलने की बात से भी कई पार्टियों ने इनकार कर दिया था। उस समय एनसीपी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और बीएसपी इसमें शामिल नहीं हुए थे।












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