Covid case in India: भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों पर क्या बोले ICMR DG, कोविड केस पर क्या है अपडेट
Covid case in India: भारत में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। देश में आज 26 मई को कोरोना के 1000 से ज्यादा केस एक्टिव हैं। कोविड मामलों बढ़ोतरी को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बेहल ने कहा कि फिलहाल संक्रमण की गंभीरता सामान्य रूप से हल्की है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
उन्होंने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से लिए गए सैंपलों के जीनोम अनुक्रमण (Genome Sequencing) से पता चला है कि नए कोविड वेरिएंट गंभीर नहीं हैं और ये सभी ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट हैं। इनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 शामिल हैं। डॉ. बेहल के मुताबिक इनमें से पहले तीन वेरिएंट ज्यादा पाए गए हैं।

निगरानी और सावधानी बरती जा रही है
डॉ. बेहल ने बताया कि अब तक मामले पहले दक्षिण भारत से, फिर पश्चिम भारत से, और अब उत्तर भारत से सामने आ रहे हैं। इन सभी मामलों पर Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP) के तहत निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, ICMR की राष्ट्रीय रेस्पिरेटरी वायरस सेंटिनल निगरानी प्रणाली भी नए संक्रमणों और वायरस पर नजर रख रही है।
कोविड की गंभीरता को लेकर इन बातों पर नजर
डॉ. बेहल ने बताया कि कोविड की गंभीरता को परखने के लिए तीन पहलुओं को देखा जाता है,
1. वायरस की संक्रामकता (Transmissibility) - पहले कोविड के मामले दो दिन में दोगुने हो जाते थे, लेकिन इस बार मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।
2. इम्युनिटी को चकमा देना (Immune Evasion) - क्या नए वेरिएंट वैक्सीन या प्राकृतिक प्रतिरक्षा को चकमा दे रहे हैं? डॉ. बेहल ने कहा कि अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि ये वेरिएंट हमारी पहले की प्रतिरक्षा को बाईपास कर रहे हैं।
3. संक्रमण की गंभीरता (Severity) - क्या बिना किसी बीमारी के भी कोविड बहुत गंभीर हो रहा है? अभी तक के आंकड़ों से ऐसा नहीं लग रहा है, और ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के हैं।
सतर्क रहें, पर घबराएं नहीं
डॉ. बेहल ने यह भी बताया कि रविवार (25 मई) को स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें उन्होंने और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है, लेकिन जनता को इस समय किसी विशेष चिंता की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि WHO के डेटा के मुताबकि भी नए वेरिएंट गंभीर बीमारी नहीं फैला रहे हैं।
बूस्टर डोज की अभी जरूरत नहीं
जब उनसे बूस्टर डोज की जरूरत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "फिलहाल टीकाकरण की कोई जरूरत नहीं है। भारत में टीका निर्माण की पूरी क्षमता है और अगर जरूरत पड़ी तो हम जल्द ही टीका बना सकते हैं।"
WHO का अपडेट
मई 2025 तक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने LF.7 और NB.1.8 वेरिएंट को केवल Variants Under Monitoring (VUM) की श्रेणी में रखा है, न कि Variants of Concern या Variants of Interest में। हालांकि, ये वेरिएंट चीन और एशिया के कुछ हिस्सों में मामलों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।












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