केरल में COVID-19 ने फिर बढ़ाई टेंशन! महिला में मिला सबवेरिएंट JN.1
केरल में कोविड-19 के एक सबवेरिएंट JN.1 का एक मामला पाया गया है। इसका खुलासा भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) द्वारा चल रही नियमित निगरानी हुआ है। यह जानकारी आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ.राजीव बहल ने दी है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल की तैयारियों के उपायों का आकलन करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमित अभ्यास के हिस्से के रूप में राज्यों में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के संपर्क में है और स्थिति की निगरानी कर रहा है।

केरल में कोरोना केस दे रहे टेंशन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 79 वर्षीय महिला के सैंपल का 18 नवंबर को आरटी-पीसीआर टेस्ट किया गया था। जिसमें रिजल्ट पॉजिटिव पाए गए। महिला में बीमारियों के लक्षण देखने को मिले। आपको बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले निवासी एक युवक में भी JN.1 सब-वेरिएंट के लक्षण मिले थे। युवक ने सिंगापुर की यात्रा की थी।
क्या है INSACOG?
भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) जीनोमिक प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क है, जो जीनोमिक दृष्टिकोण से भारत में COVID-19 की निगरानी कर रहा है। आईसीएमआर इस संघ का एक हिस्सा है। कोविड-19 के संदर्भ में संशोधित निगरानी दिशानिर्देशों के अनुसार, आईएलआई और एसएआरआई के मरीजों का कोविड-19 परीक्षण किया जाता है। सकारात्मक मामलों को संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण (डब्ल्यूजीएस) के लिए भेजा जाता है।
पिछले कुछ हफ्तों से केरल राज्य में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी का रुझान देखने को मिल रहा है। इसका कारण परीक्षण के लिए भेजे जाने वाले आईएलआई मामलों के नमूनों की संख्या में वृद्धि है। इनमें से अधिकांश मामले चिकित्सकीय रूप से हल्के होते हैं और बिना किसी इलाज के अपने घर पर ही ठीक हो जाते हैं।












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