SC का केंद्र से सवाल- कोरोना वैक्सीन के दाम में अंतर क्यों है?
नई दिल्ली, 30 अप्रैल। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोरोना मामले में सुनवाई शुरू हुई जिसमें जस्टिस चंद्रचूड़ ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार की ओर जारी हरफनामा पढ़ लिया है। जिसके बाद अदालत ने केंद्र सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। उसने सरकार से सीधे प्रश्न किया कि जो लोग पढ़ लिख नहीं सकते हैं वो कोविन एप पर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करवा सकते हैं। यही नहीं अदालत ने सीधे शब्दों ये भी कहा है कि वो सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन, बेड, दवाओं की पोस्ट करने वालों पर एक्शन नहीं लिया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि केंद्र, राज्यों और डीजीपी को स्पष्ट रूप से कहा कि अगर अफवाह फैलाने के नाम पर कार्यवाही की तो अवमानना का मामला चलाया जाएगा।
Recommended Video
कोरोना मरीजों के लिए गाजियाबाद में शुरू हुई 'ऑक्सीजन लंगर सेवा', इस तरह कर रहे जरूरतमंदों की मदद

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र से तीख प्रश्न किए हैं, जो कि निम्नलिखित हैं?
- SC का प्रश्न- सरकार बताए कि अस्पताल में मरीजों की भर्ती की प्रक्रिया क्या है?
- SC का प्रश्न- अस्थायी कोविड सेंटर्स कब, कहां और कैसे बनाए जा रहे हैं?
- SC का प्रश्न- राज्यों और केंद्र के बीच वैक्सीन की अलग-अलग कीमत क्यों?
- SC का प्रश्न-श्मशान में काम करने वाले कर्मियों का टीकाकरण क्या हो गया या होने वाला है?
- SC का प्रश्न-कोरोना वैक्सीन को कैसे और किस राज्य में किस तरह से भेजी जा रही है?
- SC का प्रश्न-क्या दवााओं का वितरण हो रहा है और हां तो हायतौबा क्यों मची है?
- SC का प्रश्न- हमें ये भी पता होना चाहिए कि उपलब्ध बेड्स में से कितने आईसीयू बेड हैं?
- SC का प्रश्न-सरकार ने अपने हलफनामे में रिमेडिसिविर के उत्पादन की बात कही है लेकिन सप्लाई की जानकारी नहीं दी है, क्यों?
- SC का निर्देश-सरकार डॉक्टरों को निर्देश दे कि वो रेमडिसिविर या फेविफलू की बजाय अन्य दवाओं को भी कोरोना पीड़ितों को बताएं
- SC का निर्देश-सरकार कोविड की इस लहर के बारे में हर जानकारी राज्य को दे।












Click it and Unblock the Notifications