35 वें संचार सेटेलाइट जीसैट-7ए के प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती शुरू
श्रीहरिकोटा। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से भारत के 35वें संचार सेटेलाइट जीसैट-7ए को प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एफ11 से प्रक्षेपित करने के लिए 26 घंटे की उल्टी गिनती मंगलवार को शुरू हो गई। उल्टी गिनती मंगलवार दिन में दो बजकर 10 मिनट पर शुरू हुई और इस संचार उपग्रह का बुधवार शाम चार बजकर 10 मिनट पर जीएसएलवी-एफ 11 के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा।

2,250 किलोग्राम वजनी जीसैट-7ए उपग्रह को लेकर जाने वाले प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एफ11 को श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट के दूसरे लांच पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। इसरो ने बताया कि जीसैट-7ए का निर्माण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने किया है और इसका जीवन आठ वर्ष है। यह भारतीय क्षेत्र में केयू-बैंड के उपयोगकर्ताओं को संचार क्षमताएं मुहैया कराएगा।
इससे पहले 29 नवंबर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अपने विश्वसनीय रॉकेट पीएसएलवी-सी 43 को अंतरिक्ष भेजकर इतिहास रचा था। इसरो ने पीएसएलवी-सी43 लांच के साथ भारत के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह हिसआईएस सहित आठ देशों के 30 अन्य उपग्रहों को रवाना किया था। इसरो द्वारा विकसित भू प्रेक्षण उपग्रह 'हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट' पीएसएलवी-सी 43 मिशन का प्रमुख उपग्रह है।
जीएसएलवी एफ-11 जीसैट-7ए को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (जीटीओ) में छोड़ेगा। जीएसएलवी-एफ11 इसरो की चौथी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान है।












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