कोरोना वैक्सीन को लेकर वो 5 बड़े सवाल, जो आपके भी मन में उठ रहे होंगे
वैक्सीन की कीमत से लेकर साइड इफेक्ट तक ऐसे कई सवाल हैं, जो आम लोगों के मन में उठ रहे हैं।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत को उस वक्त एक बड़ी सफलता मिली, जब सरकार ने इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए दो वैक्सीन को मंजूरी दे दी। इनमें पहली वैक्सीन है- ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोविशील्ड, जिसे पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है और दूसरी है- भारत बायोटेक की कोवैक्सीन। इन दोनों वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने के फैसले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी खुशी जाहिर की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही पहले चरण का टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। इस बीच वैक्सीन की कीमत से लेकर साइड इफेक्ट तक ऐसे कई सवाल हैं, जो आम लोगों के मन में उठ रहे हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 सवालों के जवाब।

1:- कोरोना वायरस की वैक्सीन पाने की प्रक्रिया क्या है?
सरकार ने फिलहाल कोरोनो वायरस की दोनों वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इसके तहत सबसे पहले वैक्सीन कोरोना वॉरियर्स और गंभीर रोग से पीड़ित बुजुर्ग लोगों को ही दी जाएगी, जिनकी सूची सरकार की तरफ से जारी की जाएगी। वैक्सीन को लेकर सरकार ने एक ऐप (को-विन) बनाया है, जो टीकाकरण शुरू होने के बाद उपलब्ध होगा। वैक्सीन लेने के लिए इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसके लिए कोई एक पहचान पत्र जैसे- आधार कार्ड, वोटर कार्ड, डीएल, पासपोर्ट या पैनकार्ड आदी जरूरी होगा। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मोबाइल पर एसएमएस के जरिए टीकाकरण का दिन, समय और स्थान की जानकारी मिलेगी।
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2:- कोविशील्ड और कोवैक्सीन की कीमत कितनी होगी?
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, सरकार को कोविशील्ड की एक डोज 200 रुपए और निजी खरीदारों को एक डोज 1000 रुपए में बेची जाएगी। अदार पूनावाला ने बताया कि कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली 100 मिलियन खुराक भारत सरकार को बेची जा रही हैं। किसी भी शख्स के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन की दो डोज जरूरी होंगी। वहीं, कोवैक्सीन को लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि माना जा रही है कि कोवैक्सीन की कीमत कोविशील्ड से कम रह सकती है।

3:- कोविशील्ड और कोवैक्सीन कितनी सुरक्षित और असरदार हैं?
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया वीजी सोमानी ने बताया है कि दोनों वैक्सीन 110 फीसदी सुरक्षित हैं। वीजी सोमानी के मुताबिक, 'अगर किसी वैक्सीन में सुरक्षा को लेकर थोड़ा सा भी चिंता का मामला होता है, तो हम उस वैक्सीन को अप्रूवल नहीं देते हैं।' सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड अपने तीनों चरण के ट्रायल में कोरोना वायरस के खिलाफ 70.42 फीसदी प्रभावकारी पाई गई है। वहीं, कोवैक्सीन के ट्रायल के दौरान मिले नतीजों में सामने आया है कि इस वैक्सीन की डोज लेने के बाद शरीर में दो तरह की इम्यूनिटी पाई गई।

4:- क्या वैक्सीन लेने के बाद किसी तरह का साइड इफेक्ट होगा?
कोरोना वायरस की दोनों वैक्सीन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि ये वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। कोवैक्सीन और कोविशील्ड के अभी तक के ट्रायल में किसी भी तरह का कोई गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि जब बड़े स्तर पर कोई भी टीकाकरण अभियान शुरू होता है, तो कभी-कभी बहुत हल्के साइड इफेक्ट सामने आते हैं और इसके लिए राज्य सरकारों से तैयार रहने के लिए कहा गया है।

5:- कोरोना वायरस की वैक्सीन फ्री किस-किसको मिलेगी?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान के पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 50 साल से ऊपर की उम्र के उन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी, जो गंभीर रोगों से पीड़ित हैं। देश में ऐसे लोगों की संख्या करीब 30 करोड़ है और सरकार का लक्ष्य है कि अगले 6 महीनों के भीतर इन सभी को कोरोना वायरस की वैक्सीन दे दी जाए। पहले चरण के तहत इनमें से 3 करोड़ कोरोना वॉरियर्स को कोरोना वैक्सीन की डोज फ्री दी जाएगी।












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