Coronavirus: हमारी सरकार निर्णायक फैसले लेने में असमर्थ, देश को चुकानी पड़ेगी भारी कीमत- राहुल गांधी
नई दिल्ली। देश में जानलेवा कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। अलग-अलग माध्यमों के जरिए लोगों को इस वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लेकिन इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करके सरकार पर हमला किया है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि कोरोना वायरस को जवाब त्वरित आक्रामक कार्रवाई के जरिए दिया जा सकता है। लेकिन सरकार जिस तरह से निर्णायक रूप से काम करने में असमर्थ रही है उसकी भारत को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

आर्थिक तबाही की कही थी बात
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि देश को न केवल कोरोना वायरस के लिए बल्कि आर्थिक तबाही के लिए भी खुद को तैयार रखने की जरूरत है। राहुल गांधी ने इसकी तुलना साल 2004 में आए विनाशकारी सुनामी से की थी। भारतीय अर्थव्यवस्था तबाह होने जा रही है। आपको इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि देश कि किस दर्दनाक चीज को झेलने वाला है और वह आ भी रहा है। यह एक सुनामी आने जैसा होगा।
2004 का किया था जिक्र
पत्रकारों से बात करते हुए राहुल ने कहा था कि साल 2004 में आए त्रासदी का जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा, जब 2004 में हिंद महासागर में विनाशकारी सुनामी आई थी तो उसने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सहित पूरे समुदायों को तबाह कर के रख दिया था। उन्होंने कहा, 'पानी आने वाला है और मैं सरकार को आगाह कर रहा हूं... वे बेवकूफ बना रहे हैं, उन्हें स्पष्ट नहीं है कि उन्हें क्या करना है। भारत को कोरोना वायरस के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली आर्थिक तबाही के लिए भी तैयार रहना चाहिए।'
लगातार बढ़ रहे मामले
बता दें कि देशभर में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या भारत में 150 तक पहुंच गई है। तीन लोगों की कोरोना वायरस की वजह से मौत भी हो चुकी है। जबकि दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 204732 पहुंच गई है। इस वायरस से 8270 लोगों की दुनियाभर में मौत हो चुकी है। सरकार लोगों से लगातार अपील कर रही है कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए दी जा रही सलाह को मानें और जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकलें।












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