Coronavirus: 3000 छोटे अपराधियों को जेलों से रिहा कर सकती है पंजाब सरकार, मंत्री ने दिया प्रस्ताव
चंडीगढ़। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हरियाणा की जेलों में 31 मार्च तक बंदियों से परिवार के लोगों की मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल, कैदी परिवार के लोगों से फोन पर ही बात कर सकेंगे। वहीं, पड़ोसी राज्य पंजाब में मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने लगभग 3,000 छोटे अपराधियों को रिहा करने का प्रस्ताव दिया है।

जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने छोटी मात्रा में ड्रग्स के साथ पकड़े गए अपराधियों और करीब 2,800 छोटे अपराधियों समेत 3,000 अपराधियों को रिहा करने का प्रस्ताव दिया है। कोरोना वायरस के जेलों में फैलने के खतरे को देखते हुए मंत्री ने ये प्रस्ताव दिया है। पंजाब सरकार की तरफ से अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
इस प्रस्ताव पर सभी जिलों के एंटी ड्रग टास्क फोर्स के साथ-साथ एसएसपी की प्रतिक्रिया का इंतजार है। रंधावा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 3,000 कैदी ऐसे हैं जो 2.5 ग्राम या इससे कम मात्रा में हेरोइन या अन्य ड्रग के साथ पकड़े गए थे। रंधावा ने कहा कि इसी तरह पंजाब की जेलों में लगभग 2,800 छोटे अपराधी हैं, जिनमें चेन स्नैचर भी शामिल हैं।
पंजाब में कुल 9 सेंट्रल जेल, 10 जिला जेल और 5 सब-जेल हैं। इन जेलों में अभी 23000 कैदी हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, पंजाब में कोरोना वायरस का एक मामला सामने आया है जबकि देश में कोरोना वायरस के मामलों की कुल संख्या 147 हो गई है, जिसमें 122 भारतीय और 25 विदेशी नागरिक हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए सरकारें एतहियात के तमाम कदम उठा रही हैं।












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