भारत को आत्म-निर्भर बनाने में दूरगामी साबित होगा मोदी सरकार का आर्थिक पैकेज: अमित शाह
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की अंतिम और पांचवीं किस्त का एलान किया। इसमें उन्होंने मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएसयू और एमएसएमई से जुड़े सात एलान किए। कोरोना की वजह से बड़े शहरों से घर लौट रहे मजदूरों को ध्यान में रख उन्होंने मनरेगा के लिए अतिरिक्त 40,000 करोड़ रुपये के आवंटन का एलान किया। इससे ग्रमीण इलाकों में लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराने में मदद मिलेगी।

इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक राहत पैकेज की पांचवीं और अंतिम किस्त आत्म-निर्भर भारत के विचार को साकार करने में दूरगामी साबित होगी। शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन गरीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार तथा स्थायी आजीविका के साधन उत्पन्न करने में मदद करेगा, जिससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अवसंरचना को व्यापक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार की आज की घोषणाएं आत्म-निर्भर भारत के विचार को साकार करने में दूरगामी साबित होंगी।''
शाह ने कहा, ''ये कदम स्वास्थ्य, शिक्षा और कारोबार क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी होंगे जो करोड़ों गरीबों को रोजगार प्रदान करेंगे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद व्यक्त करता हूं।'' गृह मंत्री ने कहा कि कोविड-19 से निपटने में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व कई विकसित राष्ट्रों से श्रेष्ठ है और उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत कर भारत को भविष्य में ऐसी किसी महामारी से निपटने के लिए तैयार करने का संकल्प किया है। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने प्रत्येक जिले में संक्रामक रोग अस्पताल वार्ड बनाने, प्रयोगशालाओं के नेटवर्क और निगरानी को मजबूत करने तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भारत के स्वास्थ्य व्यय को बढ़ाने का निर्णय किया है।
उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि यह दूरदर्शिता भारत को चिकित्सा क्षेत्र में काफी आगे ले जाएगी।'' गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों की कर्ज उठाने की सीमा बढ़ा दी है जिससे उन्हें 4.28 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त धन उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने अप्रैल में राज्यों को करों से प्राप्त राशि में से 46,038 करोड़ रुपये दिए। अप्रैल और मई में कुल 12,390 करोड़ रुपये के बराबर राजस्व घाटा अनुदान तथा 11,092 करोड़ रुपये का राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) दिया।












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