Coronavirus:केंद्र ने राज्यों से कहा, ENT और रेजिडेंट डॉक्टरों को भी काम पर लगाएं

नई दिल्ली- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में अब कान,नाक और गला विशेषज्ञों के साथ रेजिडेंट डॉक्टरों की भी सेवाएं लेना शुरू कर दें। केंद्र ने कहा है कि कोविड-19 के टेस्ट के लिए सैंपल जुटाने के लिए योग्य लोगों की तत्काल जरूरत है। इसके लिए केंद्र ने राज्यों को मेडिकल संस्थानों को निर्देश देने के लिए कहा है ताकि सैंपल जुटाने के काम में तेजी आ सके। केंद्र के पत्र के मुताबिक इन डॉक्टरों को विशेष रूप से कोविड-19 टेस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए पेशेवर तरीके से ज्यादा से ज्यादा सैंपल जुटाने में लिया जाएगा।

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    अब ईएनटी-रेजिडेंट डॉक्टर भी मैदान में उतरेंगे

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    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिवों को भेजे पत्र में कहा है कि देश इस समय कोविड-19 के बहुत बड़े प्रकोप को झेल रहा है, जिसमें सरकार की रणनीतियों में संक्रमितों के संपर्कों का पता लगाना और संदिग्ध मरीजों के गले और नाक के स्वैब सैंबल का कलेक्शन बहुत मायने रखता है। इसी के मद्देनजर मंत्रालय ने राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को लिखा है, 'यह सैंपल लेने के लिए प्रशिक्षित और योग्य लोगों की तत्काल जरूरत है और ऐसे लोगों की संख्या में विशेष इजाफे की आवश्यकता है।.........इसलिए सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया जाता है कि ईएनटी स्पेशलिस्ट-रेजिडेंट्स की सेवाएं लेकर कोविड-19 मामलों में सैंपल जुटाने का आयोजन करें।'

    30,000 रिटायर्ड और निजी डॉक्टर पहले ही दे चुके हैं ऑफर

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    पत्र में ये भी सलाह दी गई है कि मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिया जाय ताकि इसी आधार पर पेशेवर तरीके से सैंपल जुटाना संभव हो सके। पत्र में लिखा गया है 'सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया जा सकता है कि अपनी सेवाएं देने के लिए राज्य सरकारों से संपर्क करें। पत्र में यह भी गुजारिश की गई है कि इस संबंध उठाए गए कदमों की तत्काल जानकारी मंत्रालय को दें।' सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था कि सशस्त्र सेना की मेडिकल सेवा समेत 30,000 से ज्यादा डॉक्टरों ने कोविड-19 महामारी से लड़ने में खुद से सरकार को मदद का भरोसा दिलाया है। बता दें कि 25 मार्च को सरकार ने रिटायर हो चुके सरकारी, सेना के डॉक्टरों, सार्वजनिक क्षेत्रों और निजी डॉक्टरों को इस महामारी के खिलाफ जंग में शामिल होने की अपील की थी।

    कोरोना रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ने की संभावना

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    गौरतलब है कि रविवार सुबह तक देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 8,356 तक पहुंच चुकी थी और मरने वालों का आंकड़ा भी 273 हो चुका है। इसी के मद्देनजर कई राज्यों ने अपने स्तर पर पहले ही लॉकडाउन को इस महीने के अंत तक बढ़ा दिया है। जबकि, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो संकेत दिए हैं, उससे जाहिर है कि लॉकडाउन में कुछ जरूरी क्षेत्रों को भले ही थोड़ी छूट मिले, लेकिन यह कुछ हफ्तों तक जारी ही रहने वाला है। हालांकि, इस समस्या से निपटने के लिए अभी तक सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केंद्र सरकार क निगरानी में एकजुट होकर कदम उठा रहे हैं। राज्य अपने स्तर पर और स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक कुछ अलग से आवश्यक कदम जरूर उठा रहे हैं।

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