पूर्व मुख्य न्यायाधीश के नाम पर सिसायत में शोर
केरल। पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी सदाशिवम को राज्यपाल बनाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर राजनीतिक गलियारे में शोर मच गया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि राजनीतिक और कनूुनी स्तर पर रहे अधिकारी को कैसे कोई राज्यपाल बना सकता है। इसके आखिर क्या औचित्य हैं। आलोचक तो यह भी कह रहे हैं कि राज्यपाल एक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसका रजनीति और कानूनी क्षेत्र से दूर तक नाता न हो। वो समाजिक क्षेत्र में काम करने वाला और समाज को अच्छी तरह समझने वाला व्यक्ति भी बो सकता है और एक वरिष्ठ प्राशासनिक अधिकारी भी।

सबसे पहले केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने कहा है कि केंद्र ने पी सदाशिवम को राज्यपाल बनाने के प्रस्ताव पर अभी तक उनसे कोई विचार नहीं मांगे हैं। आपको बता दें कि नियमानुसार अगर चलें तो राज्य का राज्पाल नियुक्त करते समय राज्य के मुख्यमंत्री से राय लेनी उचित मानी जाती है।












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