डिजाइन विवाद के बीच इंदौर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण मानकों पर खरा
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के डिज़ाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। {Allegations of a flawed design} को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है, जो इस बात पर ज़ोर देती है कि निर्माण स्थापित मानकों का पालन करता है। इंदौर के लोकसभा सांसद, शंकर लालवानी ने आरओबी के डिज़ाइन में तीखे मोड़ में बदलाव की गुहार लगाई है।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि 1,000 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा आरओबी का डिज़ाइन लोक निर्माण विभाग और रेलवे द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण के माध्यम से विकसित किया गया था। सिंह ने आश्वासन दिया कि डिज़ाइन भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के दिशानिर्देशों का पालन करता है, जिसमें कहा गया है कि न्यूनतम वक्र त्रिज्या 15 मीटर होनी चाहिए। आरओबी के मोड़ों की त्रिज्या लगभग 20 मीटर है, जो संतुलन और सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
राजनीतिक और सार्वजनिक चिंताएँ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरओबी के डिज़ाइन की आलोचना करते हुए इसकी {the letter 'Z'} से तुलना की। उन्होंने इंदौर में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर संभावित मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया। पटवारी ने सुझाव दिया कि भ्रष्टाचार निर्माण निर्णयों को प्रभावित कर सकता है। इसके अतिरिक्त, पologround औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी आरओबी पर आपत्तियाँ ज़ाहिर की हैं।
भविष्य में निहितार्थ
आरओबी रणनीतिक रूप से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित है, जिसकी एक भुजा इंदौर के {Pologround Industrial Area} तक फैली हुई है। जैसे-जैसे चर्चाएँ जारी हैं, हितधारक इस बात पर विभाजित हैं कि क्या मौजूदा डिज़ाइन सुरक्षा और कार्यक्षमता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है।
With inputs from PTI












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