सभी हवाई जहाजों में और एयरपोर्ट पर भारतीय संगीत बजाने पर विचार हो, सरकार ने ऐसा क्यों कहा

नई दिल्ली, 28 दिसंबर: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को सभी भारतीय एयरलाइंस से कहा है कि वे अपनी सभी फ्लाइट्स में और एयरपोर्ट टर्मिनलों पर भारतीय संगीत बजाने पर विचार करें। इसमें कहा गया है कि भारतीय पारंपरिक संगीत जितना समृद्ध है, उतना ही यह विविधताओं से भरपूर है। दुनिया भर की एयरलाइंस अपनी परंपराओं के मुताबिक अपने संगीत को बढ़ावा देते हैं, इसलिए हमारे लिए तो यह गर्व करने जैसा होगा कि भारतीय एयरलाइंस में भारतीय संगीत बजाया जाए। 23 दिसंबर को ही इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भारतीय एयरलाइंस में भारतीय संगीत को बढ़ावा देने का आग्रह किया था। दरअसल, उसने देश के प्रख्यात कलाकारों और संगीतकारों के साथ एक बैठक की थी, जिसमें इसको लेकर सुझाव मिले थे।

फ्लाइट और एयरपोर्ट पर भारतीय संगीत बजाएं- सरकार

फ्लाइट और एयरपोर्ट पर भारतीय संगीत बजाएं- सरकार

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट को यह बताते हुए लिखा है कि पूरी दुनिया में ज्यादातर एयरलाइंस अपने ही देश के सर्वोत्कृष्ट संगीत बजाते हैं। जैसे कि अमेरिकी एयरलाइंस जाज संगीत बजाते हैं, तो ऑस्ट्रेलियन एयरलाइंस मोजार्ट बजाते हैं और मध्य-पूर्व के एयरलाइंस अरबी संगीत बजाना पसंद करते हैं। 'लेकिन, भारतीय एयरलाइंस कभी-कभी ही फ्लाइट में भारतीय संगीत बजाते हैं, जबकि हमारे संगीत की एक समृद्ध विरासत और संस्कृति है और यह उन कई चीजों में से एक है जिसपर हर भारतीय के पास गर्व करने का पूरा कारण मौजूद है। ' मंत्रालय ने इसी आधार पर कहा है कि 'इसीलिए यह अनुरोध है कि भारत में उड़ान भरने वाले हवाई जहाजों में और एयरपोर्ट पर नियामक आवश्यकताएं पूरा करते हुए कृप्या भारतीय संगीत बजाने पर विचार करें '

'भारतीय संगीत के पास समृद्ध विविधता है'

'भारतीय संगीत के पास समृद्ध विविधता है'

उड्डयन मंत्रालय ने लिखा है कि भारत के पास पारंपरिक संगीत की समृद्ध विविधता है। 'भारत की विशालता और विविधता की वजह से, भारतीय संगीत कई शैलियों और रूपों में मौजूद हैं, जिसमें शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, हल्की ध्वनि, वाद्य संगीत आदि शामिल हैं।' इसमें कहा गया है कि भारत का इतिहास कई सहस्राब्दी तक विस्तृत है और यह इस उपमहाद्वीप में फैले कई भौगोलिक क्षेत्रों में विकसित हुआ है। भारत में संगीत की शुरुआत सामाजिक-धार्मिक जीवन के एक अभिन्न अंग के रूप में हुई है। दरअसल, सिंधिया ने पिछले 23 दिसंबर को ही आईसीसीआर के हेडक्वार्टर का दौरा किया था और इसके अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे से भी मुलाकात की थी।

कलाकारों और संगीतकारों ने दिया है सुझाव

कलाकारों और संगीतकारों ने दिया है सुझाव

आईसीसीआर विदेश मंत्रालय के अधीन काम करता है और इसने ट्विटर के जरिए बताया था कि बैठक के दौरान कई सुझाव मिले हैं, 'जिनमें भारतीय कंपनियों की ओर से चलाई जाने वाली फ्लाइट्स में भारतीय संगीत को बढ़ावा देना भी शामिल है।' इसमें बताया गया था कि उस बैठक में कई जाने-माने कलाकार और संगीतकार उपस्थित हुए थे, जिनमें मालिनी अवस्थी, अनु मलिक, कौशल एस इनामदार, शौनक अभिषेकी, मंजुषा पाटिल के,संजीव अभ्यंकर, रीता गांगुली और वसीफुद्दीन डागर जैसी शख्सियतें शामिल हैं। मंत्रालय ने इसी आधार पर कहा है कि उसे आईसीसीआर से भारत में ऑपरेट होने वाले हवाई जहाजों और एयरपोर्ट पर भी भारतीय संगीत बजाने का अनुरोध आईसीसीआर से मिला है, जिसे वह आगे बढ़ा रहा है। संभावना है कि जल्द ही हवाई यात्राओं के दौरान भारतीय संगीत सुनने को मिल सकता है।

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