फेसबुक से अंखी दास के हटने का कांग्रेस ने किया स्वागत, फिर कहा- एक को बदलने से नहीं होगा सुधार
नई दिल्ली। फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी हेड अंखी दास के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने फेसबुक इंडिया की लीडरशिप में बदलाव का स्वागत किया है। हालांकि कांग्रेस ने कहा है कि एक व्यक्त को बदलने से सुधार नहीं हो सकता है। कांग्रेस ने फेसबुक को अपनी प्रक्रिया में सुधार करके अपनी तटस्थता को दिखाने को कहा है। इसके साथ ही फेसबुक को अपने प्लेटफॉर्म पर 'झूठ, ध्रुवीकरण और नफरत फैलाने वाली सामग्री' को रोकने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस ने अगस्त में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को एक पत्र लिखकर उन आरोपों की जांच करने की मांग की थी जिनमें फेसबुक पर भारत में सत्ताधारी बीजेपी के पक्ष में हेट स्पीच को लेकर नरमी बरतने का आरोप लगाया गया था।
जुकरबर्ग को लिखे पत्र में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने फेसबुक को भारत में अपने नेतृत्वकर्ताओं की निष्पक्षता को लेकर जांच करवाने को कहा गया था। कांग्रेस ने जांच पूरी होने तक फेसबुक का भारत में संचालन एक नई टीम को सौंपने की सलाह दी गई थी।
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट से उठा विवाद
फेसबुक को लेकर अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के बाद भारत में हंगामा मच गया था। पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि फेसबुक ने भारत में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की हेट स्पीच को लेकर नरमी बरती थी। रिपोर्ट में फेसबुक में काम करने वाले कर्मचारियों (बिना नाम के) से बातचीत के आधार पर कहा था कि फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी हेड अंखी दास ने तेलंगाना से भाजपा विधायक राजा सिंह की पोस्ट पर एक्शन लेने से रोका था। राजा पर फेसबुक के माध्यम से मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरी सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगा था। कहा गया था कि दास ने कहा था कि बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई से भारत में कंपनी के बिजनेस पर असर पड़ेगा।
बुधवार को वेणुगोपाल ने कहा कि फेसबुक को स्पष्ट और निष्पक्ष नीति सुनिश्चित करनी चाहिए जो किसी भी व्यक्ति और राजनीतिक झुकाव के चलते प्रभावित न हो सके। इसके साथ ही फेसबुक को भारत के सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे में डालने वाले झूठ, तथ्यहीन और नफरत से भरी सामग्री को नियंत्रित करने के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार करनी चाहिए।












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