पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन में अनुपस्थिति पर कांग्रेस, कहा-'परिवार की गोपनीयता का सम्मान'
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अस्थि विसर्जन समारोह में कांग्रेस नेताओं और गांधी परिवार की अनुपस्थिति को लेकर उठे विवाद के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी ने कहा कि यह निर्णय परिवार की निजता और संवेदनशील समय में उनकी भावनाओं का सम्मान करने के लिए लिया गया था।
अस्थि विसर्जन और कांग्रेस की अनुपस्थिति
डॉ. सिंह के अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम 29 दिसंबर को यमुना नदी के मजनूं का टीला गुरुद्वारा के पास सिख परंपराओं के अनुसार आयोजित किया गया। इस समारोह में उनकी पत्नी गुरशरण कौर, तीन बेटियां उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। यह अनुष्ठान उनके अंतिम संस्कार के तीन दिन बाद हुआ।

हालांकि कांग्रेस नेताओं और गांधी परिवार की अनुपस्थिति पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आलोचना की। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस पर डॉ. सिंह को वह सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया जिसके वे हकदार थे।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने सिख समुदाय की बड़ी उपस्थिति और भाजपा नेताओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की अनुपस्थिति को खेदजनक बताया। वहीं मालवीय ने इसे शर्मनाक करार दिया और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने डॉ. सिंह की सेवा और योगदान को नजरअंदाज किया।
कांग्रेस का स्पष्टीकरण
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गांधी परिवार और कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति डॉ. सिंह के परिवार की निजता की आवश्यकता का सम्मान करने के लिए थी। खेड़ा ने कहा कि दाह संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति के बाद परिवार ने अस्थि विसर्जन समारोह में शांति और गोपनीयता की इच्छा जताई थी। कांग्रेस ने उनके इस अनुरोध का सम्मान किया।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने डॉ. सिंह के परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और अपने सम्मान और शोक को प्रकट किया।
डॉ. मनमोहन सिंह की विरासत
1990 के दशक में भारत के आर्थिक उदारीकरण के सूत्रधार रहे डॉ. सिंह ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। उनके योगदान को सम्मानित करते हुए उनका अंतिम संस्कार 26 दिसंबर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ निगमबोध घाट पर किया गया। उनके निधन से देश ने एक ऐसे नेता को खो दिया। जिनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच गरिमा पूर्ण समारोह
डॉ. सिंह के अस्थि विसर्जन समारोह ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को जन्म दिया। भाजपा ने कांग्रेस और गांधी परिवार की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाया। जबकि कांग्रेस ने इसे निजता का सम्मान बताया।
डॉ. मनमोहन सिंह का अस्थि विसर्जन समारोह गरिमा और परंपरा के साथ संपन्न हुआ। जिसमें उनके परिवार ने भाग लिया। हालांकि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने इस मुद्दे को विवादास्पद बना दिया। बावजूद इसके यह समारोह डॉ. सिंह की महान विरासत को सम्मानित करने और उनके योगदान को याद करने का अवसर बना। उनकी सेवा और समर्पण हमेशा देश की स्मृतियों में जीवित रहेगा।












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