कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नहीं जा पाएंगे राहुल गांधी, जानिए वजह?
कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान हेलीकॉप्टर में खराबी आने पर कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की इच्छा जताने के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस यात्रा पर नहीं जा पाएंगे।
नई दिल्ली। कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान हेलीकॉप्टर में खराबी आने पर कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की इच्छा जताने के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस यात्रा पर नहीं जा पाएंगे। राहुल गांधी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए जब हुबली जा रहे थे तो उनके हेलीकॉप्टर में अचानक खराबी आ गई थी। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा था कि कर्नाटक चुनाव के बाद वो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे। राहुल गांधी के कार्यालय ने फिलहाल उनके यात्रा पर जाने की पुष्टि नहीं की है।

ये है यात्रा पर ना जाने की वजह
कैलाश मानसरोवर यात्रा आगामी 12 जून से शुरू हो रही है, जिसके लिए मार्च-अप्रैल महीने में ही आवेदन करने होते हैं। अब बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने इस यात्रा पर जाने के लिए समय पर आवेदन ही नहीं किया है। पिछले दिनों जब राहुल गांधी कर्नाटक में चुनाव प्रचार कर रहे थे तो हुबली जाते समय उनका हेलीकॉप्टर खराब हो गया था। हादसे में राहुल गांधी बाल-बाल बचे थे। इसके बाद 29 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित एक जनसभा में राहुल गांधी ने कहा था कि कर्नाटक चुनाव के बाद वो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे।

ट्वीट कर बोला पीएम मोदी पर हमला
इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी ने सिंगापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हालिया संवाद कार्यक्रम को लेकर उन पर तंज कसे। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके सार्वजनिक मंचों पर दिए गए साक्षात्कारों (इंटरव्यू) में जो सवाल पूछे जाते हैं वह पहले से ही लिखित होते हैं। राहुल ने मोदी के इस संवाद कार्यक्रम के एक अंश का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कहा, 'पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो स्वतःस्फूर्त प्रश्नों का सामना करते हैं और ट्रांसलेटर के पास पहले से तय उत्तर होता है। अच्छा है कि वह वास्तविक प्रश्नों का सामना नहीं करते। अगर ऐसा होता तो हम सभी के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा हो जाती।'

पीएम मोदी और दुभाषिए के जवाब में अंतर?
राहुल गांधी द्वारा पोस्ट किया गया प्रधानमंत्री का वीडियो सिंगापुर के नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनटीयू) में संवाद कार्यक्रम का है। दावा किया जा रहा है कि एक प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने जो जवाब दिया और उनकी दुभाषिया ने वहां मौजूद दर्शकों के सामने जो कहा, उनमें अंतर था। पीएम मोदी के जवाब की तुलना में दुभाषिए का जवाब काफी लंबा था। इससे पहले कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने भी ट्वीट कर अनुवादक के लंबे जवाब पर तंज कसा था।












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