केंद्र की नई पेंशन योजना पर खड़गे का तंज, UPS में 'U' का मतलब बताया मोदी सरकार का यू-टर्न
Unified Pension Scheme: केंद्र की मोदी सरकार की नई पेंशन योजना यूनिफाइड पेंशन स्कीम को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तंज कसा है। खड़गे ने कटाक्ष करते हुए इसे यूपीएस में यू का मतलब मोदी सरकार का यू-टर्न करार दिया है।
इसी के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के हाल ही में अपने प्रमुख फैसलों से पीछे हटने का श्रेय लोकसभा चुनावों के बाद विपक्ष के फिर से उभरने को दिया है। खड़गे ने अपने पोस्ट में कहा कि 4 जून के बाद जनता की ताकत प्रधानमंत्री के सत्ता के अहंकार पर हावी हो गई है।

मोदी सरकार पर तंज कसते हुए खड़गे ने एक्स पोस्ट में लिखा, "यूपीएस में 'यू' का मतलब मोदी सरकार का यू-टर्न है। 4 जून के बाद, जनता की ताकत प्रधानमंत्री के सत्ता के अहंकार पर हावी हो गई है।"
खड़गे का मोदी सरकार पर कटाक्ष
इसी के साथ खड़गे ने मोदी सरकार के कुछ हालिया फैसलों का विरोध के बाद वापस लेने का जिक्र करते हुए लिखा कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन/इंडेक्सेशन के संबंध में बजट में किए गए फैसले को वापस लेना, वक्फ बिल को संयुक्त संसदीय समिति को भेजना, ब्रॉडकास्टिंग बिल के ड्राफ्ट को वापस लेना और लेटरल एंट्री को खत्म करना हम जवाबदेही सुनिश्चित करते रहेंगे और 140 करोड़ भारतीयों को इस निरंकुश सरकार से बचाएंगे!
पवन खेड़ा ने साधा निशाना
इधर, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि यूपीएस दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों पर हमला है। खेड़ा ने कहा, "कई राज्यों में आरक्षित वर्ग के लिए सरकारी नौकरियों की ऊपरी आयु सीमा 40 वर्ष है। यूपीएससी में यह सीमा 37 वर्ष है। एकीकृत पेंशन योजना के तहत पूरी पेंशन पाने के लिए 25 साल की सेवा देना अनिवार्य है।"
उन्होंने पूछा कि ऐसी स्थिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारी इस सुविधा का लाभ कैसे उठा पाएंगे। खेड़ा ने कहा, "अब सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या वह वंचितों को मिलने वाली ऊपरी आयु सीमा की सुविधा को खत्म करना चाहती है या उन्हें पूरी पेंशन से वंचित करना चाहती है?"
मोदी सरकार ने नई पेंशन योजना को दी मंजूरी
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत 1 जनवरी, 2004 के बाद सेवा में शामिल होने वालों के लिए वेतन के 50 प्रतिशत की सुनिश्चित पेंशन को मंजूरी दे दी, जिससे हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों से पहले सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो गई। यूपीएस चुनने वाले कर्मचारी 25 साल की न्यूनतम योग्यता सेवा के लिए सेवानिवृत्ति से पहले पिछले 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत की सुनिश्चित पेंशन के लिए पात्र होंगे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह वेतन न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि तक कम सेवा अवधि के लिए आनुपातिक होगा। नई पेंशन योजना न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपए प्रति माह की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन की भी गारंटी देती है। वैष्णव ने कहा कि इससे 23 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लाभ होगा, उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकारें इस योजना में शामिल होना चाहती हैं तो यह संख्या बढ़कर 90 लाख हो जाएगी।












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