'राफेल सौदे में जो हुआ, वही प्रीडेटर ड्रोन खरीद में दोहराया जा रहा', कांग्रेस का केंद्र पर गंभीर आरोप
राफेल सौदे पर सरकार को घेरने वाली कांग्रेस अब केंद्र पर प्रीडेटर ड्रोन खरीद मामले में हेराफेरी का आरोप लगा रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार 31 प्रीडेटर ड्रोन की खरीद के लिए अन्य देशों की तुलना में अधिक भुगतान कर रहा है। इसकी तुलना राफेल सौदे से करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूछा कि क्या यह राफेल सौदे की याद नहीं दिलाता है, जिसमें पीएम मोदी ने रक्षा मंत्रालय या विदेश मंत्रालय को इसकी जानकारी दिए बिना एकतरफा 36 राफेल सौदे पर हस्ताक्षर कर दिए थे? पवन खेड़ा ने कहा कि राफेल सौदे में जो हुआ वही कहीं प्रीडेटर ड्रोन खरीद मामले में दोहराया तो नहीं जा रहा है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारत सरकार जनरल एटॉमिक्स द्वारा निर्मित 31 एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन के लिए 3.072 बिलियन (25,200 करोड़ रुपये) का सौदा कर रही है। कांग्रेस ने पूछा कि भारत अन्य देशों की तुलना में ड्रोन के लिए वास्तविक कीमत से अधिक कीमत क्यों चुका रहा है? हम उस ड्रोन के लिए सबसे अधिक कीमत क्यों चुका रहे हैं, जिसमें एआई एकीकरण नहीं है।
पार्टी ने खरीदे गए ड्रोन की संख्या पर भी मोदी सरकार से सवाल उठाया। कांग्रेस ने पूछा कि अप्रैल 2023 में भारतीय सशस्त्र बलों ने मोदी सरकार को सूचित किया कि प्रीडेटर ड्रोन की आवश्यकता सिर्फ 18 है, 31 नहीं। फिर मोदी सरकार अब 31 ड्रोन क्यों खरीद रही है?
कांग्रेस ने कहा कि प्रीडेटर ड्रोन का विकल्प भारत में रुस्तम II मानव रहित हवाई वाहन के रूप में उपलब्ध है। रुस्तम II एक मध्यम-ऊंचाई वाला लंबा धीरज (MALE) मानव रहित हवाई वाहन (UAV) है जिसे अमेरिका के प्रीडेटर ड्रोन की तर्ज पर विकसित किया गया है। इसे मुख्य रूप से खुफिया, निगरानी और टोही (ISR) मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।












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