'यह अध्यादेश अवैध है', CBI-ED प्रमुख का कार्यकाल बढ़ाने पर बोले मनीष तिवारी
नई दिल्ली, 15 नवंबर: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के बाद अब ईडी और सीबीआई चीफ का कार्यकाल 2 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया जाएगा। मौजूदा वक्त में सेंट्रल एजेंसियों के प्रमुखों का कार्यकाल दो साल का होता था, लेकिन अब मोदी सरकार के अध्यादेश लाने के बाद यह कार्यकाल बढ़ाकर 5 साल तक कर दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस ने सरकार के इस फैसला का विरोध किया है।

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यह एक अवैध अध्यादेश है: तिवारी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने ईडी, सीबीआई के निदेशकों के कार्यकाल को 5 साल तक बढ़ा देने के फैसले पर अपना कड़ा विरोध जाहिर किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में कहा कि यह एक अवैध अध्यादेश है, जो सुप्रीम कोर्ट के 1998 के जैन हवाला केस के फैसले का खंडन करता है, जिसमें अदालत ने सीबीआई, ईडी निदेशक के कार्यकाल को 2 साल के रूप में घोषित किया ताकि केंद्र की सरकार दोनों एजेंसियों को किसी भी गलत काम में मजबूर न करें।
'सुप्रीम कोर्ट का करना चाहिए रुख'
उन्होंने आगे कहा कि यह अध्यादेश अधिकारियों के लिए एक संदेश है कि यदि हमने (केंद्र) आपको नियुक्त किया है और यदि आप हमारे आदेश के अनुसार काम करते रहें, विपक्ष को परेशान करते रहें तो आपका कार्यकाल साल-दर-साल बढ़ता जाएगा। इस पर सभी दलों को संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए।
आपको बता दें कि नए अध्यादेश के मुताबिक सीबीआई और ईडी निदेशकों की नियुक्ति पहले 2 साल के लिए की जाएगी। इसके बाद एक-एक साल करके 3 साल का एक्सटेंशन दिया जाएगा। ऐसे में सरकार की ओर से एक-एक साल के लिए 3 एक्सटेंशन केंद्रीय एजेंसी प्रमुखों को दिए जा सकते हैं, ऐसे में कुल 5 साल तक कार्यकाल बढ़ा दिया गया है।












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