संसद हमले के आतंकी अफजल गुरु को फांसी दिया जाना गलत
बेंगलुरू। संसद हमले का आरोपी अफजल गुरु मरने के बाद भी एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। अफजल गुरु के बारे में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने विवादास्पद बयान दिया है जिसके बाद अफजल गुरु पर फिर से चर्चा होने लगी है।

थरुर के ट्वीट से मचा बवाल
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट करके कहा है कि अफजल गुरु को फांसी दिया जाना गलत था। उन्होंने लिखा है कि जिस तरह से अफजल गुरु को फांसी दी गयी वो निंदनीय है उन्होंने कहा कि अफजल गुरु के परिवार वालों को आखिरी बार उससे मिलने देना चाहिए था।
गौरतलब है कि अफजल गुरु को 2013 में रातो-रात केंद्र सरकार ने फांसी देने का फैसला लिया था और उसे फांसी पर लटका दिया गया था। शशि थरूर के साथ ही पांच अन्य कांग्रेस के जम्मू-कश्मीर विधायकों ने अफजल गुरु को फांसी दिये जाने के फैसले को गलत बताया है।
पांच विधायकों ने भी फैसले को बताया गलत
बताया जाता है कि यह बयान राज्यसभा की एक सीट के लिए पार्टी के नेता गुलामनबी आजाद को वोट देने के बदले जारी करवाया गया। एक निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने कांग्रेस से कहा कि उनका वोट चाहिए तो ऐसा बयान जारी करें। आजाद के लिए वोट डालने से पहले राशिद ने असेंबली में यह बयान पढ़कर सुनाया और कहा कि लोगों तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि अफजल को फांसी देने वाली कांग्रेस ने मान लिया है कि उसने अन्याय किया।
राजनैतिक मुद्दा बनाया गया
अफजल गुरु पर भारत के लोकतंत्र के प्रतीक संसद पर हमले का आरोप था। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सही पाया था और उसे फांसी की सजा का ऐलान किया था। वन इंडिया ने कई अधिकारियों से इस बाबत बात कर उनकी राय जानने की कोशिश की ।
एक अधिकारी का कहना है कि अफजल गुरु के खिलाफ बहुत ही पुख्ता सबूत थे संसद पर हमले के। लेकिन उसकी फांसी के बाद बावजूद पुख्ता सबूतों के मौजूद होने के इसे राजनैतिक मुद्दा बनाया गया।
अधिकारी का कहना है कि सरकार ने अफजल गुरु के मामले में काफी सुस्ती बरती और उसे तिहाड़ जेल में ही काफी समय तक बंद रखा। सरकार को इस बात का डर था कि अफजल को फांसी दिये जाने से कश्मीर का माहौल ना बिगड़ जाए।












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