'वायनाड की जनता राहुल को भारी बहुमत से चुनेगी, PM मोदी को मिलेगी सहानुभूति', कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम का दावा
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। इस बीच, रविवार को कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने दावा किया कि वायनाड की जनता कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारी बहुमत से दोबारा चुनेगी। जिस दिन नतीजे आएंगे, उस दिन वायनाड की जनता पीएम नरेंद्र मोदी को सहानुभूति का संदेश भेजेगी।
बेरोजगारी को लेकर चिदंबरम ने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी है, कुछ वर्ग इस समस्या को कम आंकते हैं, लेकिन यह सबसे बड़ी समस्या है। मेरे समय में, हमारे पास बेरोजगारी की इतनी ऊंची दर कभी नहीं थी...श्रम भागीदारी दर में कमी आई है, कामकाजी आबादी की संख्या में कमी आई है, महिला श्रम भागीदारी में भारी कमी आई है और स्नातकों के बीच बेरोजगारी सबसे अधिक है। स्नातकों में, बेरोजगारी 42 फीसदी तक है, यही कारण है कि हमारे पास स्नातकों, स्नातकोत्तरों और इंजीनियरों की यह अपमानजनक घटना है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर चिदंबरम ने कहा कि हम कुछ कानूनों को निरस्त, संशोधित और समीक्षा करेंगे। जिसमें सबसे ऊपर सीएए 2019 है। कृषक उत्पादन, व्यापार और वाणिज्य संवर्धन सुविधा अधिनियम 2020, भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता जो आईपीसी के बराबर है, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जो सीआरपीसी है और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) अधिनियम जो साक्ष्य अधिनियम है। इन पांचों को पूरी तरह से निरस्त कर दिया जाएगा। फिर हमारे पास आठ कानून हैं, जिन्हें रद्द कर नये कानून बनाएंगे। फिर हमारे पास 25 कानून हैं, जिन्हें संशोधित करके संविधान के बराबर लाया जाएगा। इसलिए हम बिल्कुल स्पष्ट हैं कि नागरिकता संशोधन अधिनियम निरस्त किया जाएगा।
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने यह भी कहा कि हम एक विशेष कानून लाने का भी वादा कर रहे हैं जो कहेगा 'जमानत नियम है, जेल अपवाद है'। इस कानून को केरल के महान सपूत जस्टिस कृष्णा ने बनाया। जस्टिस कृष्णा के शब्दों में, जमानत नियम है, जेल अपवाद है। निचली न्यायपालिका, मजिस्ट्रेट और जिला न्यायाधीशों में इस नियम का शायद ही कभी पालन किया जाता है। ततः हर कोई जमानत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकता है।
आगे कहा कि 65 फीसदी कैदी विचाराधीन हैं, वे दोषी नहीं हैं, तो वे जेल में क्यों हैं?.. 90 फीसदी विचाराधीन कैदी ओबीसी, एससी और एसटी हैं, इसलिए हम एक विशेष कानून लाएंगे 'जमानत नियम है, जेल अपवाद है'- पुलिस या सीबीआई द्वारा पूछताछ के पहले 15 दिनों के बाद हर किसी को जमानत दी जानी चाहिए।












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