अरुणाचल में कांग्रेस की सरकार फिर संकट में, सीएम ने मिलाया बागियों से हाथ
नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार एक बार फिर संकट में आ गई है जब शुक्रवार को कांग्रेस के 46 में से 43 विधायक बीजेपी की सहयोगी पार्टी पीपीए में शामिल हो गए। इन बागियों में वर्तमान मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी शामिल हैं और वह इन बागियों का नेतृत्व कर रहे हें।

आपको बता दें कि 60 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 46 विधायक हैं, जबकि 11 विधायक बीजेपी के हैं। मुख्यमंत्री पेमा खांडू पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत दोरजी खांडू के बेटे हैं।
दो माह पहले का घटनाक्रम
मुख्यमंत्री खांडू ने इस घटनाक्रम पर जानकारी दी कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करके उन्हें यह सूचना दे दी है कि हमने कांग्रेस का पीपीए में विलय कर दिया है।
कांग्रेस का अरुणाचल संकट नया नहीं है और कुछ माह पहले ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नाटकीय घटनाक्रम के बाद जुलाई में नबाम तुकी की जगह पेमा खांडू को मुख्यमंत्री घोषित किया गया था। इसके साथ ही कांग्रेस ने लंबी लड़ाई को जीतने में सफलता हासिल की थी।
फिर कांग्रेस ने बनाई सरकार
खांडू को विधायक दल का नेता चुना गया और इसके बाद दो निर्दलीय विधायकों और 45 पार्टी विधायकों के समर्थन से कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार बना ली थी। तेजी से बदले घटनाक्रम के बाद बागी नेता खालिको पुल अपने 30 साथी
बागी विधायकों के साथ पार्टी में लौट आए थे। गौरतलब है कि पुल बागी होकर मुख्यमंत्री बने थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अपदस्थ कर दिया था।












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