कांग्रेस ने यूपी में 2009 का प्रदर्शन दोहराने के लिए बनाया प्लान, 26 सीटों पर करेगी फोकस
नई दिल्ली: कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपना 2009 लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन दोहराना चाहती है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है कांग्रेस ने आने वाले लोकसभा चुनाव में उन सीटों की पहचान कर ली है, जहां उसे अच्छें प्रदर्शन की उम्मीद है। यूपी में कुल 80 लोकसभा सीटें है जो पूरे देश में किसी भी अन्य राज्य की तुलना में ज्यादा है। कांग्रेस 80 में से 26 लोकसभा सीटों पर फोकस करेगी।

प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को यूपी भेजा
कांग्रेस ने यूपी में अपनी राजनीतिक ताकत का विश्लेषण किया है। क्योंकि उसके पास बहुत कम समय और सीमित राजनीतिक ताकत है। इसी लक्ष्य के तहत वो चुंनिदा सीटों पर ही फोकस कर रही है। पार्टी ने इस महीने राज्य पर अपना ध्यान केंद्रित करने के साथ ही प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के तौर पर राज्य में दो महासचिव नियुक्त किए हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने दो महीने से भी कम समय में परिणाम देने के लिए उन चुनिंदा सीटों को चुना है, जो जीती जा सकती है।

कांग्रेस ने 26 सीटों पर किया है फोकस
अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर सीट गांधी परिवार का हिस्सा रही हैं।
लेकिन बची 23 सीटों में से अधिकतर सीटों पर कांग्रेस ने 2009 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। पार्टी इन सीटों पर पूर्व सांसदों और प्रभारियो को चुनाव लड़ा सकती है जिन्होंने यहां से पहले चुनाव जीते हैं। इन 23 सीटों के अलावा कांग्रेस अन्य लोकसभा सीटों पर भी चुनाव लड़ेगी लेकिन यहां से उन्हें बहुत उम्मीदें नहीं हैं। प्रियंका गांधी और सिंधिया ने पिछले हफ्ते लखनऊ में पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।

एसपी-बीएसपी गठबंधन से कांग्रेस बाहर
बसपा और बसपा में गठबंधन में जगह ना मिलने के बाद कांग्रेस को राज्य में अकेले लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सपा-बसपा गठबंधन और सत्तारूढ़ भाजपा इस चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ खडे़ हैं। ऐसे में कांग्रेस आगामी लोकसभा में होने वाले महामुकाबले में अकेले पड़ गई है।हालांकि, पार्टी को उम्मीद है कि प्रियंका गांधी के आने के बाद पार्टी अपने कुछ समर्थन वाले वर्ग में बेहतर कर सकती है। यदि कांग्रेस राज्य में अपने समर्थन वर्ग को आकर्षित करती है तो ये अनिश्चित है कि दो प्रमुख ध्रुवों में से कौन-सी इसकी आक्रामकता की चपेट में आएगा। जबकि कुछ का मानना है कि यह भाजपा को नुकसान पहुंचाएगा क्योंकि पार्टी सवर्ण और किसानों के वर्गों को लुभा सकती है। कई अन्य ये अनुमान लगा रहे हैं कि कांग्रेस के प्रवेश से भाजपा-विरोधी वोटों का विभाजन हो सकता है जो सपा-बसपा में जा सकता है।

राहुल ने फ्रंटफुट पर खेलने की बात कही
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि पार्टी राज्य में फ्रंटफुट पर खेलेगी। उन्होंने कहा था कि वो यहां जीतने के लिए आए हैं। सीटों की पहचान के साथ पूर्व सांसद जितिन प्रसाद को धौरहरा और सीतापुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आरपीएन सिंह को कुशीनगर का चार्ज, पीएल पुनिया को बाराबंकी, राज्यसभा सांसद संजय सिन्ह को हरदोई और राजीव शुक्ला को कानपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अजय सिंह लल्लू के पास महाराजगंज और मिर्जापुर की जिम्मेदारी है।












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