सोशल मीडिया के जाल में उलझीं भाजपा-कांग्रेस कर रहीं हैं गलतियां

इस तकनीक का इस्तेमाल कर नेता और उनके समर्थक तस्वीरों की हेराफेरी कर अपनी बात लोगों तक पहुंचाते है। अपनी बातों को रोचक ढ़ंग से रखने की उनकी ये कोशिश कभी-कभी उनके लिए ही आलोचनाओं का कारण बन जाती है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस और बीजेपी की ओर से अपलोड की गई दो तस्वीरों ने उनकी चुनाव प्रचार की सच्चाई उजागर कर दी है।
कांग्रेस के भारत निर्माण पोस्टर में जिस लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है उसी लड़की की तस्वीर भाजपा के बेवसाइट पर एक पोस्टर में भी है। तस्वीरों को ध्यान से देखा जाए तो गुलाबी रंग के कपड़े पहनी लड़की दोनों ही पार्टियों के पोस्टरों में है। इस तस्वीर के साथ ही राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार के तरीके पर सवाल खड़ा हो गया है। हलांकि कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर आइडिया चुराने का आरोप लगा रही है। लेकिन ये सब उनके झूठे प्रचार के तरीके पर पर्दा नहीं डाल सकती है।
फोटोशॉप तकनीक का इस्तेमाल कर इन दिनों 'भाग मिल्खा भाग' के पोस्टर के तर्ज पर शिवराज सिंह का पोस्टर खूब वाइरल हो रहा है। इसी तरह से मोदी की एक फेक तस्वीर जिसमें उन्हें झाड़ू मारते हुए दिखाया गया था सोशल मीडिया पर खूब वाइरल हुई थी। बात तस्वीरों की नहीं है, यहां सवाल राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार का है। जिस तरह से राजनीतिक दल झूठ का सहारा देकर अपने कामों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखते है उस तरीके पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। तोड़-जोड़ की राजनीति करने वाले दल चुनाव प्रचार में भी यही राजनीति अपनाते है। फोटोशॉप के जरिए प्रचार करने वाले दलों को सचेत होकर इसका इस्तेमाल करने की जरुरत है।












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